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शनिदेव से डरने की जरूरत नहीं-परमहंस दाती महाराज

वृजेन्द्रसिंह झाला
गुरुवार, 26 मई 2016 (20:20 IST)
प्रसिद्ध शनि साधक परमहंस दाती महाराज का कहना है कि शनिदेव से भयभीत होने की जरूरत नहीं है। वे शत्रु नहीं मित्र हैं। शनि तो पूरे जगत को भय से मुक्त करते हैं।
वेबदुनिया के साथ खास बातचीत में दाती महाराज ने कहा कि शनि को लेकर फैलाया जा रहा डर और भ्रम चंद दुकानदारों और व्यापारियों का षड्‍यंत्र है। सूर्यपुत्र शनि तो भगवान महादेव के शिष्य एवं नारायण के भक्त हैं। जो शनि पूरे विश्व को भय से मुक्त करते हैं, उनसे भय कैसा? शनि तो सिर्फ न्याय करते हैं। व्यक्ति को सिर्फ अपने कुकर्मों से भयभीत होना चाहिए। उचित होगा कि कर्मों का अवलोकन कर उनमें सुधार लाएं। 
 
दाती महाराज कहते हैं कि व्यक्ति शनि पीड़ा से ग्रसित नहीं होता बल्कि अपने कुकर्मों से ग्रसित होता है। महाराज सवाल करते हैं कि क्या गर्भ में बेटियों को मारने वालों को सजा नहीं मिलनी चाहिए? क्या देश के प्रति वफादार नहीं रहने वालों को दंड नहीं मिलना चाहिए? वे कहते हैं कि शनि की कृपा प्राप्त करनी है तो अपने राष्ट्र और माता-पिता के प्रति वफादार होना चाहिए।
कुंडली में शनि की प्रतिकूल स्थिति पर वे कहते हैं कुंडली में शनि कभी प्रतिकूल नहीं होते। दरअसल, हमारे कर्म प्रतिकूल होते हैं। शनि तो सौहार्द, सुख और परम सौभाग्य के दाता हैं, भाग्य विधाता हैं, कर्म के दाता हैं, परम न्यायाधीश हैं। अत: उनसे डर कैसा? लोगों को इस भ्रम से बाहर आना चाहिए।
 
शनि पीड़ा दूर करने के लिए दाती महाराज के आसान उपाय... अगले पेज पर....
 

वेबदुनिया के पाठकों के लिए दाती महाराज ने शनि पीड़ा से मुक्ति के कुछ आसान उपाय भी बताए...
1. निर्धन और बेसहारा व्यक्ति को भोजन कराएं। शनि की कृपा प्राप्त होगी। 
2. ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर 4 बजे के पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और ऊं शं शनैश्चराय नम: मंत्र का जाप करते हुए परिक्रमा करें।
3. माता-पिता के चरण स्पर्श करें। शनि प्रतिकूल होंगे। 
4. शनि देव की कृपा प्राप्त करते के लिए पहली रोटी पर गुड़ रखकर गाय को खिलाएं।
 
करियर, कारोबार, नौकरी में परेशानी का उपाय एवं दाती महाराज का वीडियो... देखें अगले पेज पर...
 
 

दाती महाराज ने नौकरी, कारोबार और करियर में परेशानी से मुक्ति के लिए भी आसान उपाय बताया..
 
* सरसों के तेल का दीपक जलाकर दशरथ कृत शनि स्तोत्र का पाठ करें। करियर और कारोबार की परेशानी से मुक्ति मिलेगी। (देखें वीडियो) 
 
दशरथ कृत शनि स्तोत्र
नम: कृष्णाय नीलाय शितिकण्ठनिभाय च।
नम: कालाग्निरूपाय कृतान्ताय च वै नम: ।।
    नमो निर्मांस देहाय दीर्घश्मश्रुजटाय च।
    नमो विशालनेत्राय शुष्कोदर भयाकृते।।
नम: पुष्कलगात्राय स्थूलरोम्णेऽथ  वै नम:।
नमो दीर्घायशुष्काय कालदष्ट्र नमोऽस्तुते।।
    नमस्ते कोटराक्षाय दुर्निरीक्ष्याय वै नम:।
    नमो घोराय रौद्राय भीषणाय कपालिने।।
नमस्ते सर्वभक्षाय वलीमुखायनमोऽस्तुते।
सूर्यपुत्र नमस्तेऽस्तु भास्करे भयदाय च।।
    अधोदृष्टे: नमस्तेऽस्तु संवर्तक नमोऽस्तुते।
    नमो मन्दगते तुभ्यं निरिस्त्रणाय नमोऽस्तुते।।
तपसा दग्धदेहाय नित्यं  योगरताय च।
नमो नित्यं क्षुधार्ताय अतृप्ताय च वै नम:।।
    ज्ञानचक्षुर्नमस्तेऽस्तु कश्यपात्मज सूनवे।
    तुष्टो ददासि वै राज्यं रुष्टो हरसि तत्क्षणात्।।
देवासुरमनुष्याश्च  सिद्घविद्याधरोरगा:।
त्वया विलोकिता: सर्वे नाशंयान्ति समूलत:।।
    प्रसाद कुरु  मे  देव  वाराहोऽहमुपागत।
       एवं स्तुतस्तद  सौरिग्र्रहराजो महाबल:।। 
 
*  ऊं शं शनैश्चराय नम: मंत्र का जाप साल भर तक करें। सुख, समृद्धि, सौहार्द सभी कुछ प्राप्त होगा। 
(वीडियो एवं फोटो : धर्मेन्द्र सांगले)

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