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19 फरवरी से 32 दिन तक कुंभ राशि में अस्त होंगे गुरु, 5 राशियों के जीवन में तनाव होगा शुरू

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शुक्रवार, 18 फ़रवरी 2022 (15:26 IST)
Jupiter sets 2022: बृह्सपति ग्रह 19 फरवरी 2022 शनिवार को कुंभ राशि में (Guru Tara sets 2022) अस्त हो जाएंगे। गुरु के अस्त होने से कुछ राशियों पर इसका नकारात्मक और कुछ पर सकारात्मक असर पड़ने वाला है। आओ जानते हैं कि गुरु के गोचर के साथ ही अन्य ग्रहों के गोचर के अनुसार किन 5 राशियों को इसका तनाव झेलना पड़ सकता है।
 
 
19 फरवरी शनिवार को सुबह 11 बजकर 13 मिनट पर कुंभ राशि में अस्त होंगे और 20 मार्च रविवार की सुबह 9 बजकर 35 मिनट पुन: उदय होंगे। पंचांग भेद से इनके अस्त और उदय होने के समय में बदलाव हो सकता है।
 
 
1. वृषभ (Taurus) : गुरु आपकी राशि के दसवें भाव में अस्त होगा। दसवें भाव में गुरु नीच का होता है। आपके कार्यक्षेत्र में आपको नकारात्मक परिणाम देखने को मिले सकते हैं। अचानक से नौकरी में बदलाव हो सकता है। अचानक से व्यापार में घाटा हो सकता है। आर्थिक मोर्चों पर झूझना पड़ सकता है।
 
2. कर्क (Cancer): गुरु आपकी राशि के आठवें भाव में अस्त होगा। इससे आपको हर कार्य में बाधा उत्प‍न्न होगी। व्यवसाय में नुकसान होगा। नौकरीपेशा हैं तो सतर्क रहें। व्यक्तिगत और पारिवारिक जीवन में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। सेहत का ध्यान रखें।
 
3. कन्या (Virgo): गुरु आपकी राशि के छठे भाव में अस्त होगा। नौकरी को लेकर आप परेशान रहेंगे, बदलाव होने की संभावना है। साझेदारी के व्यापार में समस्याएं उत्पन्न होगी। अनावश्यक खर्चे बढ़ जाएंगे। जीवनसाथी के साथ मनमुटाव होगा। सेहत का ध्यान रखें।
 
4. वृश्‍चिक (Scorpio): गुरु आपकी राशि के चौथे भाव में अस्त होगा। जिसके कारण आपकी सुख सुविधाओं में कमी आएगी और आपको आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ सकता है। परिवार के सदस्यों और मित्रों से आपके संबंध खराब हो सकते हैं। सेहत का ध्यान रखें।
 
5. मीन राशि (Pisces): आपकी राशि के द्वादश भाव में गुरु अस्त होंगे। यहां स्थित गुरु के परिणाम कुछ भी हो सकते हैं। हालांकि इससे आपके पेशेवर जीवन में तनाव उत्पन्न हो सकता है। विदेश से जुड़े व्यापार में नुकसान उठाना पड़ सकता है। हालांकि यहां स्थित गुरु के मिलेजुले परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
 
डिस्क्लेमर : यह जानकारी ज्योतिष मान्यता, गोचर की प्रचलित धारणा आदि पर आधारित है। इसकी पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। पाठक ज्योतिष के किसी जानकार से पूछकर ही कोई निर्णय लें।

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