Hanuman Chalisa

यात्रा से पहले जानें दिशाशूल

क्या होता है दिशाशूल

Webdunia
ND

दिशाशूल मूलत: किसी दिशा विशेष में दिन विशेष पर की जाने वाली यात्रा से संबंधित है। अगर किसी कारणवश उक्त दिशा में यात्रा करनी भी पड़े तो उसके निवारण के कुछ आसान से उपाय होते हैं। ‍जिन्हें जानकर यात्रा को निर्विघ्न बानाया जा सकता है।

इसे नीचे दिए गए उदाहरण से समझ सकते हैं :

पूर्व दिशा - सोमवार, शनिवार।

पश्चिम दिशा - रविवार, शुक्रवार।

दक्षिण दिशा - गुरुवार।

उत्तर दिशा - मंगलवार, बुधवार।

ND
दिशाओं के सामने दिए गए वारों में उक्त दिशा में दिशाशूल होता है। अतः उक्त दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए। रविवार, गुरुवार, शुक्रवार के दोष रात्रि में प्रभावित नहीं होते हैं।

सोमवार, मंगलवार, शनिवार के दोष दिन में प्रभावी नहीं होते हैं। किंतु बुधवार तो हर प्रकार से त्याज्य है।

अत्यावश्यक होने पर रविवार को पान या घी खाकर, सोमवार को दर्पण देखकर या दूध पीकर, मंगल को गुड़, खाकर, बुधवार को धनिया या तिल खाकर, गुरुवार को जीरा या दही खाकर, शुक्रवार को दही पीकर और शनिवार को अदरक या उड़द खाकर प्रस्थान किया जा सकता है।

यदि एक दिन में गंतव्य स्थान पर पहुँचना और फिर वापस आना निश्चित हो तो दिशाशूल विचार की आवश्यकता नहीं है।

Show comments

ज़रूर पढ़ें

शुक्र की वृषभ राशि में मंगल का प्रवेश, 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन और करियर में मिल सकता है बड़ा लाभ

Muharram month 2026: मोहर्रम मास का इस्लाम धर्म में महत्व और परंपरा जानें

घर में कॉकरोच दिखना क्यों माना जाता है अशुभ? जानें ज्योतिष और वास्तु के संकेत

मंगल का कृतिका नक्षत्र में प्रवेश: 4 राशियों की किस्मत में होगा बड़ा बदलाव, जानें असर

कुंभ राशिफल 2026: शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण और गुरु का अमृत प्रभाव; जानें करियर, धन और सेहत का पूरा विश्लेषण

सभी देखें

नवीनतम

22 June Birthday: आपको 22 जून, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 22 जून 2026: सोमवार का पंचांग और शुभ समय

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (21 जून, 2026)

21 June Birthday: आपको 21 जून, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 21 जून 2026: रविवार का पंचांग और शुभ समय