shiv chalisa

अयोध्या में इस बार दीये जलाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की तैयारी

BBC Hindi
शनिवार, 26 अक्टूबर 2019 (09:51 IST)
फ़ैसल मोहम्मद अली, बीबीसी संवाददाता, अयोध्या से
शाम होते ही ये चिराग़ रोशन हो उठेंगे और अयोध्या का नाम एक बार फिर इतिहास में दर्ज हो जाएगा। दो साल पहले शुरू हुए दीये के इस उत्सव को, जिसे 'दीपोत्सव' नाम दिया गया है, में चिराग़ों की संख्या साल-दर-साल बढ़ती रही है, और इस बार साढ़े पांच लाख दीयों के जलने के साथ कार्यक्रम का नाम गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल हो जाएगा।
 
सरयू नदी के किनारे बने राम की पौड़ी पर हर तरफ़ दीये ही दीये नज़र आते हैं। गले में वॉलेंटियर वाला कार्ड लटकाए, झुके, अधझुके, या फिर पूरी तरह ज़मीन पर बैठे, पचासों युवक-युवतियां इन्हें क़तारों में सजा रहे हैं। कहीं इन्हें फूलों की शक्ल दी गई है तो कहीं स्टील फ्रेम के डिज़ायनों पर चिपकाने से इन दियों ने एक नया रंग ले लिया है।
 
इला शुक्ला की स्वयंसेवी संस्था से तक़रीबन तीस बच्चे यहां आए हैं और वे इस आयोजन का हिस्सा नकर बहुत खुश हैं। इस शोर-ओ-ग़ुल से बेख़बर कुछ स्थानीय पेंटर, घाट की सीढ़ियों से परे कार्डबोर्ड के बने हाथी, घोड़ों और ऊंटों को पेंट कर रहे हैं।

ALSO READ: दिवाली 2019 : दीपावली पर ऐसे हुआ था अयोध्या में श्रीराम का भव्य स्वागत
राम द्वार के पास वाली सड़क का कायम शायद अधूरा रह जाए लेकिन मुन्ना को यक़ीन है कि मंदिर के गेट की ऊपर वाली दीवार की पुताई कुछ घंटों में पूरी हो जाएगी।
 
बिहार से आए अजय कुमार झा हमें मोतिहारी मंदिर की तरफ़ जाते मिल जाते हैं और बताते हैं कि वो 'पूरे कार्तिक माह अयोध्या में रहेंगे और पांच कोसी और तेरह कोसी परिक्रमा करके जाएंगे।'
 
अजय कुमार झा और पत्नी माला झा ने 'दीपोत्सव के मुताल्लिक़ सुन रखा है इसलिए ख़ासतौर पर इसी समय अयोध्या आने का प्लान बनाया' है।
 
दोपहर तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विशेष अतिथि फिजी की मंत्री वीणा भटनागर के साथ यहां पहुंच जाएंगे। पिछले साल ख़ास मेहमान थीं दक्षिण कोरिया की किम जॉंग सुक।
 
उत्तरप्रदेश हुकूमत ने इंतज़ाम किया है रामायण से संबंधित कई झाकिंयों का - उनमें से एक में राम और सीता हेलीकॉप्टर से अवतरित होंगे और फिर भरत मिलाप होगा। फिर होगी आरती और दीपों को रोशन करने का काम।

ALSO READ: अयोध्या : जानिए 106 साल पुराने विवाद का संपूर्ण घटनाक्रम सिर्फ 2 मिनट में
राम की पौड़ी से पांच-सात सौ मीटर दूर अयोध्या शहर अपने हर रोज़ के रंग में जी रहा है, राम की पौड़ी के एक किनारे रामकथा जारी है। पास ही ख़ड़े पुराने मंदिरों और कभी ख़ूबसूरत रहे मकानों को उन पर उग आए घास और पेड़ दरका रहे हैं।
 
स्थानीय पत्रकार स्कन्ददास कहते हैं ये सब संतों का खेल है, उनका भंडार चलता रहे, मठ में पैसे आते रहें उन्हें अयोध्या से कोई लेना देना नहीं।
 
स्थानीय लोगों का कहना है कि सामान्यत: स्थानीय लोगों को दीपोत्सव स्थल पर मंत्रियों, अधिकारियों और पत्रकारों के जाने के बाद ही जाने को मिलता है, हां कुछ लोग वॉलेंटियर के तौर पर काम कर रहे होते हैं।
 
मगर इला शुक्ला का कहना है कि तीन साल पहले तक जब अयोध्या का नाम लेते थे तो सोचना पड़ता था लेकिन योगी जी ने सबकुछ बदल दिया।
 
अंजू रघुवंशी हालांकि विकास के सवाल पर कहती हैं कि हां इससे राम की पौड़ी का विकास तो हुआ है लेकिन स्थानीय लोगों की ज़िंदगी में कोई विकास नहीं आया है।
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

खामेनेई के बाद अलीरेजा अराफी संभालेंगे ईरान की कमान, जानिए कौन है यह नया सुप्रीम लीडर

ईरान की चेतावनी पर राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पलटवार, बोले- ऐसा मजा चखाएंगे कि भूल नहीं पाओगे...

Israel Iran War: खामनेई की मौत को लेकर खुलासा, बिन सलमान ने डोनाल्ड ट्रंप को किया फोन- इसे रास्ते से हटाओ

Jamkaran Mosque में फहराया गया लाल झंडा, ईरान ने अमेरिका-इजराइल को दी तबाही की चेतावनी

Ayatollah Khamenei की मौत के बाद दुनिया में क्या बदलेगा? मध्य पूर्व से वैश्विक राजनीति तक बड़े संकेत

सभी देखें

मोबाइल मेनिया

Samsung ने लॉन्च की Galaxy S26 सीरीज, जानिए क्या हैं खूबियां

Samsung Galaxy S26 Ultra vs S25 Ultra vs iPhone 17 Pro Max : कीमत से कैमरा तक जानें कौन है सबसे दमदार फ्लैगशिप?

Samsung Galaxy S26 Ultra Launch : आईफोन की छुट्टी करने आया सैमसंग का नया 'बाहुबली' फोन

iQOO 15R भारत में लॉन्च, 7,600mAh की तगड़ी बैटरी और Snapdragon 8 Gen 5 प्रोसेसर, जानें कीमत और फीचर्स

Google Pixel 10a के लॉन्च होते ही Pixel 9a की कीमतों में भारी गिरावट, अब बेहद कम दाम में खरीदने का मौका

अगला लेख