Hanuman Chalisa

केजरीवाल के साथ नजीब की 8 'जंग'

Webdunia
दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग के अचानक इस्तीफ़े ने सभी को हैरानी में डाल दिया है। राजधानी में उनका कार्यकाल विवादों से भरा रहा है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ उनकी लड़ाई चर्चा का विषय भी बनती रहीं।
फ़ाइलें लौटाने को लेकर दोनों के बीच कई बार तलवारें खिंचीं। केजरीवाल उन पर केंद्र सरकार के इशारों पर चलने का आरोप लगाते रहे और जंग का कहना था कि दिल्ली सरकार संवैधानिक नियमों का उल्लंघन करती है। दोनों के बीच एक बार नहीं, कई बार लड़ाइयां हुईं।
 
1. लड़ाई की शुरुआत दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव 10 दिनों की छुट्टी पर जाने के साथ हुई। उनकी जगह कार्यवाहक मुख्य सचिव की नियुक्ति होनी थी। नजीब जंग ने शकुंतला गामलिन को कार्यवाहक मुख्य सचिव नियुक्त किया, तो केजरीवाल भड़क गए। उनका कहना था कि ये फैसला मुख्यमंत्री का होना चाहिए। केजरीवाल के विरोध के बावजूद शकुंतला गामलिन ने अपना कार्यभार संभाल लिया। जब अगले दिन प्रमुख सचिव (सेवाएं) अनिंदो मजूमदार अपने दफ्तर आये। उनके दफ्तर में ताला लगा था।
 
2. अनिंदो मजूमदार ने ही शकुंतला गामलिन को कार्यवाहक मुख्य सचिव बनाने का आदेश पारित किया था। उनकी जगह पर मुख्यमंत्री ने राजिंदर कुमार को नियुक्त कर दिया। नजीब जंग ने इस फैसले को असंवैधानिक घोषित कर दिया। दोनों पक्षों ने क़दम पीछे खींचने से इनकार कर दिया।
 
3. केजरीवाल ने सत्ता में लौटने के बाद कई अधिसूचना जारी कर दी थीं, लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने उन सभी को रद्द कर दिया। अदालत ने ये भी साफ़ किया कि उपराज्यपाल ही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के प्रशासनिक प्रमुख हैं। आप सरकार ने इसे लोकतांत्रिक तरीक़े से चुने गए नुमांइदों के अधिकार क्षेत्र में हनन बताया, लेकिन इससे कोई बदलाव नहीं हुआ।
 
4. इससे पहले केंद्र सरकार ने 21 मई, 2015 को एक अधिसूचना जारी करते हुए राष्ट्रीय राजधानी में नौकरशाहों की नियुक्ति के सारे अधिकार उपराज्यपाल को सौंप दिए थे। इसके बाद दिल्ली के एलजी और सीएम के बीच कई महीने जंग जारी रही। मामला अदालत पहुंचा, तो भी दिल्ली सरकार को नौकरशाहों का अधिकार नहीं मिला।
 
5. दिल्ली बिजली नियामक आयोग (डीईआरसी) के अध्यक्ष कृष्णा सैनी को हटाने पर भी उपराज्यपाल एवं दिल्ली सरकार के बीच विवाद छिड़ गया था। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल के आदेश रद्द कर दिया था और आरोप लगाया कि यह राष्ट्रीय राजधानी में बिजली दरें बढ़ाने की साज़िश है।
 
6. दिल्ली महिला आयोग के सदस्य सचिव पद पर उपराज्यपाल ने जिस सदस्य को नियुक्त किया, उस पर भी ख़ूब बवाल हुआ था। आयोग ने इसे अवैध करार देते हुए नामंजूर कर दिया था। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सिफारिश पर नियुक्त एक अन्य सदस्य ने अपना कार्यभार संभाल लिया था।
 
7. नजीब जंग ने दिल्ली सरकार की ओर से नियुक्त 15 वकीलों की नियुक्ति रद्द कर दी थी। केजरीवाल सरकार ने 2014 और 2015 में इन्हें उपराज्यपाल की मंजूरी बिना ही नियुक्त किया था, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच लड़ाई शुरू हो गई।
 
8. नजीब जंग ने दिल्ली के 70 विधायकों की स्थानीय क्षेत्र विकास निधि के तहत मिलने वाली रकम 10-10 करोड़ बढ़ाने से जुड़ी फाइल दिल्ली सरकार को लौटा दी है। जंग ने यह भी पूछा था कि इज़ाफ़े को कैसे सही ठहराया जा सकता है और मौजूदा राशि की स्थिति क्या है।
Show comments

जरूर पढ़ें

CNG वाहनों पर ईथेनॉल का क्या असर होगा? CNG Blending से फायदा या नुकसान?

एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल बना वाहनों का 'दुश्मन'? इंदौर के मैकेनिकों की चौंकाने वाली रिपोर्ट

ईरान युद्ध से अमेरिका का सुपर पॉवर तमगा डगमगाया

ईरान ने BJP और कांग्रेस अध्यक्ष को खामेनेई के अंतिम संस्कार का भेजा निमंत्रण, जानिए कौन करेगा भारत का प्रतिनिधित्व

सांसद महुआ मोइत्रा पर फिर बरसाए अंडे, TMC भड़की, भाजपा पर लगाया आरोप

सभी देखें

मोबाइल मेनिया

25,000 से कम कीमत वाले स्मार्टफोन होंगे सस्ते, GSTघटाकर 5% करने की सिफारिश

OnePlus Nord N6 5G लॉन्च, 19,999 रुपए में 8,000mAh बैटरी, 120Hz डिस्प्ले और 50MP कैमरा

Nothing Phone (3): ट्रांसपेरेंट डिजाइन और धांसू AI फीचर्स के साथ आ रहा है नथिंग का नया स्मार्टफोन, लीक हुई भारत में कीमत!

जून 2026 के 3 सस्ते स्मार्टफोन्स, 7000mAh बैटरी और गेमिंग परफॉर्मेंस का जबरदस्त कॉम्बो

Honor करने वाला है धमाका, आने वाला है 10,000mAh बैटरी और 10,000 Nits ब्राइटनेस वाला सस्ता स्मार्टफोन

अगला लेख