Festival Posters

Beauty Tips: लॉकडाउन में घर पर ही कैसे पाएं पार्लर जैसा निखार

Webdunia
पूरे देश में कोरोना का असर देखा जा रहा है और इस संक्रमण को रोकने के लिए भारत के कई शहरों में लॉकडाउन किया गया है और लोगों को घरों में रहने की हिदायत दी जा रही है। कार्यालयों में वर्क फ्रॉम होम एम्प्लॉइज को दिया गया है ताकि लोग एक-दूसरे के संपर्क में न आ पाएं।
 
वही लॉकडाउन की वजह से पार्लर भी बंद हैं। लेकिन आप घर पर रहकर भी पार्लर जैसा निखार पा सकती हैं
इसलिए आज हम आपको कुछ घरेलू उपाय बताएंगे, जो आपकी त्वचा में निखार और ग्लो को बढ़ा देगा।
 
आइए, जानते हैं कुछ खास घरेलू टिप्स...
 
अगर आप अपनी स्किन में ग्लो लाना चाहती हैं तो एलोवेरा का इस्तेमाल कीजिए। इसके लिए आप एलोवेरा के जैल में कुछ बूंदें नींबू की डालें और इसे अपने पूरे चेहरे पर रब करें। यह आपके चेहरे पर ग्लो तो लाएगा ही, साथ ही आपके चेहरे से पिम्पल के दाग भी दूर करेगा।
 
शहद और नींबू
 
यह आपके चेहरे पर ग्लो लाने के लिए बेहतरीन पेस्ट है। इसका इस्तेमाल आपके चेहरे पर निखार भी लेकर आएगा।
 
बेसन और कच्चा दूध
 
इसे बराबर मात्रा में मिलाकर पेस्ट बना लें और अपने पूरे चेहरे पर लगाकर सूखने के लिए छोड़ दें। यह आपके फेस में गजब का निखार लाएगा।
 
टमाटर का आधा टुकड़ा लें और अब इसे अपने पूरे चेहरे पर अच्छे से रब करें। यह आपके चेहरे पर हुए टेन स्किन को हटाने में मदद करेगा।
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

Makar Sankranti Quotes: पतंग की उड़ान और तिल गुड़ की मिठास के साथ, अपनों को भेजें ये 10 सबसे खास शुभकामना संदेश

मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने का तरीका, डोर और कचरी के साथ जानें पतंग के प्रकार

Traditional Bihu Recipes: असमिया बिहू रेसिपी: पारंपरिक स्वाद और संस्कृति का संगम

Pongal Recipes: पोंगल के दिन के लिए 5 सुपर स्वादिष्ट रेसिपी और व्यंजन

रूम हीटर के साथ कमरे में पानी की बाल्टी रखना क्यों है जरूरी? जानें क्या है इसके पीछे का साइंस

सभी देखें

नवीनतम

अदरक का स्वाद जानें या नहीं, फ्रूटी का स्वाद खूब जानते हैं वृंदावन के बंदर

Indian Army Day: थल सेना दिवस: हर सैनिक के साहस को नमन

थल सेना दिवस पर कविता : हर सैनिक को नमन

पतंग और सेहत की सावधानी: खुशियों के साथ सुरक्षा भी जरूरी, पढ़ें 10 टिप्स

Makar Sankranti Kite Flying: मकर संक्रांति पर पतंगबाजी का पर्व: एक रंगीन उत्सव, जानें इतिहास, महत्व और प्रभाव

अगला लेख