3. एक पर्सनल शॉपर को रखें : एक अच्छा पर्सनल शॉपर आपकी बॉडी के टाइप के बारे में अच्छी तरह जानता है। आपके क्लोजेट में क्या क्या है, इसका भी ध्यान रखें और पूरे वार्डरोब को बदलने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। एक अच्छा शॉपर याद रखता है कि आप क्या खरीदती हैं और उन चीजों के मू्ल्यों में कमी की दरयाफ्त करता है जो आपने खरीदे, आजमाए लेकिन अब नहीं मिल पा रहे हैं। कभी-कभी एक छोटी से छोटी चीज भी बहुत बड़ा अंतर पैदा करने में समर्थ होती है।
4.
व्यायाम बंद करें, स्वस्थ वजन रखें : यह सभी जानते हैं कि बढ़ती उम्र के साथ हमारी पाचन क्रिया भी धीमी होती जाती है और इस कारण से बजन बढ़ने लगता है। कभी-कभी आप वे व्यायाम भी नहीं कर पाती हैं जो कि पहले कभी करती रही हों। घुटनों में दर्द होता है, पैर दुखने लगते हैं और ऐसी हालत में तैराकी सबसे अच्छा व्यायाम होता है। इसी तरह पैदल चलना भी अच्छा व्यायाम होता है और सुबह के समय घूमने के साथ ताजी हवा खाएं। इस समय पर आपका सबसे बड़ा मंत्र होना चाहिए कि व्यायाम पर रोक लगा लें, लेकिन वजन भी बहुत अधिक ना बढ़ने दें। इसके लिए हल्के-फुल्के व्यायाम ही करें।
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5.
युवा होने के झरने की खोज करें : बूढ़ा होना ऐसी बीमारी नहीं है जिसका कोई इलाज हो। हमें अपना सबसे अच्छा दिखना और अनुभव करना है और इसका अर्थ यह नहीं है कि हम घड़ी की सुइयों को पीछे की ओर कर दें। हम सभी अपने अपने जीन्स की उपज हैं और हमने शुरुआती दशकों में अपना जितना ध्यान रखा होगा, उसी के अनुरूप हमारा शरीर बन जाता है।
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6.
अपने आप को बूढ़ा न समझें : हम ऐसी बहुत सारी महिलाओं से मिलते हैं जो कि यह सोचकर अवसाद से घिर जाती हैं कि वे अपनी युवावस्था में नहीं हैं। यह बात इस पर ज्यादा निर्भर करती है कि हम अपने को कैसा अनुभव करते हैं, अपने आप को कैसा देखते हैं।
अधिक उम्र की सबसे सुखी महिलाएं वे हैं जो कि पूरा जीवन जीती है, सक्रिय जीवन जीती हैं। अपने काम से खुद को व्यस्त रखें। याद रखिए आप उतने ही अधिक बूढ़े होते हैं जितने कि आप अपने आप को समझते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि मेनोपॉज की उम्र पार करने के बाद महिलाएं कम अवसाद की शिकार होती हैं और वे अपने जीवन, काम के बारे में बेहतर विचार रखती हैं।
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7.
नमक के साथ रिश्ता तोड़ें : नमक के कई नाम हैं और ये कई रूपों में हमारे जीवन में घुसपैठ करता है। जब इस ज्यादा मात्रा में लिया जाता है तो यह रक्त चाप के तौर पर सामने आता है। हमारे घुटने सूजने लगते हैं और आंखों के नीचे गड्ढे बनाता है। लेकिन हमें नमक की भी जरूरत होती है। जोकि अधिक उम्र की नहीं हैं उन्हें अपनी नमक की खुराक पर ध्यान देना चाहिए। आप जितना कम नमक खाएंगी, उतना ही अच्छा महसूस करेंगी और अच्छी दिखाई देंगी।
कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि बढ़ती उम्र मांग करती है कि हम अपने खाने को लेकर अधिक सतर्क हो जाएं। हमारा शरीर हमारा मंदिर होता है और इसे उसी तरह से समझा जाना चाहिए।