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नौवीं जीत के प्रति आश्वस्त हैं सदानंद सिंह

अनिल जैन
शनिवार, 10 अक्टूबर 2015 (16:23 IST)
कहलगांव (भागलपुर)। भागलपुर जिले की कहलगांव सीट वह सीट है, जो बिहार की राजनीति में कांग्रेस के हाशिए पर आ जाने के बावजूद उसका अभेद्य दुर्ग बनी हुई है। सदानंद सिंह यहां से लगातार 8 चुनाव जीत चुके हैं और इस बार भी वे महागठबंधन की ओर से बतौर कांग्रेस उम्मीदवार मैदान में हैं।
 
कांग्रेस के सदानंद सिंह के खिलाफ भाजपा नीत गठबंधन की ओर से लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) ने पवन यादव को अपना उम्मीदवार बनाया है। भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि गठबंधन में समझौते के तहत यह सीट भाजपा को मिलेगी लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
 
कुछ स्थानीय भाजपा नेताओं का स्पष्ट तौर कहना है कि लोजपा उम्मीदवार की कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं है और उसने पैसे देकर टिकट हासिल किया है। इसी वजह से भाजपा कार्यकर्ता चुनाव को लेकर उदासीन बने हुए हैं। उधर लोजपा का भी क्षेत्र में कोई व्यवस्थित संगठनात्मक ढांचा नहीं होने से लोजपा उम्मीदवार का प्रचार अभियान पूरे समय बिखरा-बिखरा-सा रहा। 
 
देहाती चरित्र वाला यह विधानसभा क्षेत्र राजपूत, कुर्मी, दलित, बुनकर और मुस्लिम बहुल क्षेत्र है जिसमें जातीय समीकरणों के लिहाज से भी कांग्रेस उम्मीदवार अपेक्षाकृत मजबूत स्थिति में है। खुद सदानंद सिंह भी अपनी जीत के प्रति आश्वस्त हैं और इसीलिए वे अपने क्षेत्र के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी गठबंधन के उम्मीदवारों के प्रचार के लिए जा रहे हैं।
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