पूर्व DGP गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा, अभी चुनाव लड़ने के बारे में कोई फैसला नहीं

Webdunia
बुधवार, 23 सितम्बर 2020 (15:41 IST)
पटना। ऐच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के एक दिन बाद बिहार के पूर्व पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय ने बुधवार को कहा कि उन्होंने चुनाव लड़ने के बारे में अभी कोई फैसला नहीं किया है। अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में अपने सेवाकाल के दौरान अपनी मुखरता को उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं से जोड़कर देखे जाने के बारे में उन्होंने कहा कि कोई कुछ भी बोल सकता है। सुशांत मामले से मेरे वीआरएस का कुछ भी लेना-देना नहीं है।
ALSO READ: बिहार के DGP गुप्तेश्वर पांडेय ने लिया VRS, उतर सकते हैं चुनाव मैदान में
पांडेय ने दावा किया कि उस मामले में जो लड़ाई लड़ी, वह बिहार की अस्मिता और सुशांत को न्याय दिलाने के लिए किया। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने सेवा में 3 दशक से अधिक समय बिताया है और कोई भी मेरी पेशेवर अखंडता पर उंगली नहीं उठा सकता है।
 
चुनाव लड़ने के बारे में अपनी योजना के बारे में पूछे जाने पर पांडेय ने कहा कि मैं चुनाव लडूंगा, यह भी मैंने अभी कहां कहा है। बक्सर, बेगूसराय, जहानाबाद और वाल्मीकि नगर संसदीय क्षेत्र सहित कई जिलों के शुभचिंतकों का दबाव है। केसरिया रंग का गमछा कंधे पर डाले गुप्तेश्वर से पूछे जाने पर कि उन्होंने भगवा रंग धारण कर लिया है, इसका मतलब यह लगाया जाए कि वे भाजपा में शामिल होने वाले हैं, उन्होंने कहा कि इसे राजनीतिक ढंग से मत देखिए।
 
उन्होंने कहा कि मैं अभी किसी राजनीतिक दल में न शामिल हुआ हूं और न ही राजनीतिक व्यक्ति हूं। जब मैं तय करूंगा कि राजनीति में जाना और कौन से दल में शामिल जाना है, वह भी मैं बताऊंगा। पांडेय ने कहा कि मैं सेवा के नियमों से बंधा हुआ नहीं, अब एक स्वतंत्र व्यक्ति हूं। मैं यदि मैं चाहता हूं तो देश के किसी भी अन्य नागरिक की तरह चुनाव लड़ सकता हूं। मैं वर्तमान में सैकड़ों लोगों से मिलने के लिए उत्सुक हूं। ऐच्छिक सेवानिवृत्ति ले चुके पूर्व पुलिस महानिदेशक ने कहा कि वे विभिन्न जिलों के अपने शुभचिंतकों से बात करेंगे। उनसे बात करके तय करूंगा कि मुझे क्या करना है?
 
नीतीश कुमार के बारे में पूछे जाने पर पांडेय ने कहा कि वे प्रशासन एवं पुलिसिंग के मामले में बिलकुल सख्त हैं। उनका विजन बहुत स्पष्ट है। पुलिसिंग के मामले में वे न किसी प्रकार का नाजायज राजनीतिक हस्तक्षेप करते हैं और न कोई सत्तारूढ़ दल का व्यक्ति करे, उसे बर्दाश्त करते हैं। (भाषा)

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

गृहमंत्री अमित शाह का तंज, अखिलेश ने हाथ जोड़े, डिंपल यादव भी मुस्कुराईं

AI से खत्म हो सकता है पानी, खौफनाक सच से क्यों अनजान हैं यूजर्स

UPI फिर हुआ डाउन, हफ्ते में दूसरी बार यूजर्स हुए परेशान, क्या बोला NPCI

Rajasthan : जयपुर सीरियल ब्लास्ट मामला, 11वां फरार आरोपी फिरोज गिरफ्तार

क्या थी रतन टाटा की आखिरी इच्छा, कैसे होगा 3800 करोड़ की संपत्ति का बंटवारा, किसे क्या मिलेगा?

सभी देखें

नवीनतम

अमेरिका के भारत पर घोषित जवाबी शुल्क के क्या हैं मायने...

चलती ट्रेन में अपने डॉग के साथ क्‍या कर रहा था ये मालिक, और फिर ये हुआ?

सांसद हुसैन का आरोप, चुनाव में बहुमत नहीं मिलने के कारण वक्फ विधेयक लेकर आई बीजेपी

वक्फ बिल पर क्या बोले मौलाना कोकब मुजतबा? क्या मुस्लिम नेताओं को रास आएगा बयान

मनरेगा मजदूरी फर्जीवाड़े में फंसे मोहम्मद शमी की बहन बहनोई सहित 18 रिश्तेदार

अगला लेख