‘परिणीता’ के बाद विद्या बालन को पीछे मुड़कर देखने की जरूरत नहीं पड़ी। वे काबिल अभिनेत्री हैं और ‘एकलव्य’, ‘लगे रहो मुन्नाभाई’, ‘हे बेबी’ और ‘भूलभुलैया’ जैसी फिल्में उनके खाते में जमा हैं। विद्या की फिल्म ‘हल्ला बोल’ 11 जनवरी को प्रदर्शित हो रही है। पेश है विद्या से बातचीत :
‘हल्ला बोल में आप किस तरह का चरित्र निभा रही हैं?
मेरी भूमिका छोटी किंतु महत्वपूर्ण है। मैं अजय देवगन की पत्नी बनी हूँ जो उसके अच्छे और बुरे समय में उसका साथ देती है। सुपरस्टार की पत्नी होने के बावजूद वह साधारण इनसान है।
निर्देशक राजकुमार संतोषी के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?
राजजी बेहद जिंदादिल हैं। उनकी इतिहास के साथ सामयिक मामलों पर भी अच्छी पकड़ है। वे जो भी करते हैं, संपूर्णता के साथ करते हैं। निर्देशक के रूप में उनका नजरिया एकदम स्पष्ट रहता है। इससे कलाकारों को भी समझ में आ जाता है कि उन्हें क्या और कैसे करना है।
अजय देवगन के साथ आप पहली बार काम कर रही हैं। एक अभिनेता और इनसान के रूप में वे कैसे लगे?
अजय एक नैसर्गिक अभिनेता हैं। सिगरेट पीते हुए अजय अगले ही क्षण कैमरे के सामने उम्दा शॉट दे देते हैं। वे बेहतरीन इनसान हैं और जिंदगी का पूरा मजा लेते हैं।
एक छोटे से अंतराल में आपने बहुत कुछ हासिल कर लिया है?
सब भगवान की कृपा है। मैंने अपने करियर के आरंभ में बेहतर फिल्में चुनीं। आज भी मैं फिल्म साइन करते समय सभी चीजों का ध्यान रखती हूँ। फिल्म इंडस्ट्री ने मुझे खुले दिल से स्वीकारा। कुल मिलाकर यह एक अनोखा अनुभव है।
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आपका नाम सहकलाकारों के साथ जोड़ा जाता है। इन अफवाहों से क्या आप परेशान होती है?
यह सब सुनकर पहले मैं बेहद परेशान हो जाती थी। मेरे डैड ने मुझे समझाया कि यह सब तुम्हारे काम का ही एक हिस्सा है। अब इन अफवाहों का मुझ पर कोई असर नहीं होता।
आप ने कई नायकों के साथ काम किया है, उनमें से कौन आपका पसंदीदा रहा है?
अक्षय कुमार के साथ काम करने में बड़ा आनंद आया। शाहिद कपूर के साथ भी मेरी अच्छी जमती है। संजय दत्त बेहद अच्छे इनसान हैं।