Publish Date: Wed, 15 Mar 2023 (12:28 IST)
Updated Date: Wed, 15 Mar 2023 (14:40 IST)
बॉलीवुड की खूबसूरत अदाकारा आलिया भट्ट 15 मार्च को अपना 30वां जन्मदिन मना रही हैं। आलिया ने इतनी कम उम्र में ही अपने नाम में बहुत कुछ जोड़ लिया है। अपने अभिनय कौशल, बहुमुखी प्रतिभा, किसी भी चरित्र और सुंदरता में डूबने के कौशल के लिए जानी जाने वाली, अविश्वसनीय अभिनेत्री आलिया भट्ट ने अपने करियर के माध्यम से कई उपलब्धिया हासिल की हैं।
शनाया से बदरू तक, आलिया ने एक लंबा सफर तय किया है और दुनिया भर में उनके बड़े प्रशंसक हैं। अजेय, सफल और असीम, आलिया वास्तव में हमारे दिलों और इंडस्ट्री की रानी है। आइए नजर डालते हैं आलिया भट्ट के कुछ बेहतरीन डायलॉग्स पर-
फिल्म : गंगूबाई काठियावाड़ी
मां का नाम काफी नहीं है ना? चलो बाप का नाम देवानंद...
पितृसत्ता को तोड़ने के लिए उग्र और सूक्ष्म बुनियाद के साथ आलिया अपने चेहरे पर मुस्कान के साथ संवाद करती है। संवाद अकेले ही इस बात का सार देता है कि महिलाएं रोजाना किस चीज के खिलाफ लड़ती हैं।
फिल्म : डार्लिंग्स
इनके साथ वही करूंगी जो ये मेरे साथ किए। डिट्टो। और आज के बाद इस घर में सिर्फ एक का हाथ उठेगा!
वर्षों तक घरेलू स्तर पर दुर्व्यवहार और उल्लंघन के बाद आखिरकार बदरू (आलिया भट्ट) अपने लिए खड़ी हो गई। आत्मा को प्रज्वलित करने वाले एक अद्भुत संवाद के साथ, बदरू निश्चित रूप से ठंडक पहुंचाएगा।
फिल्म : गली बॉय
लेकिन सब कुछ ठीक रहा तो आपका लिवर ट्रांसप्लांट कर सकती हूं
जिस तरह से आलिया भट्ट का किरदार, सफीना एक लड़के के परिवार के साथ एक संभावित मैचमेकिंग सत्र के लिए एक मजबूर बैठक से निपटती है, यह अकेले ही फिल्म में चरित्र के मजाकिया और निडर रवैये को दर्शाता है।
फिल्म : डियर जिंदगी
डियर जिंदगी, क्या ठीक नहीं होना ठीक है?
मानसिक स्वास्थ्य पर लंबे समय से ध्यान केंद्रित करना मुख्य अवधारणा थी जिस पर फिल्म घूमती है। अपने रद्दी संवाद के साथ, कायरा (आलिया भट्ट) ठीक नहीं होने की वर्जना को कम करती है। यह प्रश्न सामान्य करता है कि ठीक नहीं होने के संदर्भ में आना आज का सबसे शक्तिशाली काम हो सकता है!
फिल्म : राजी
वतन के आगे कुछ नहीं..खुद भी नहीं..
पूरी फिल्म में आलिया भट्ट के किरदार में देश के लिए जो प्यार और गर्व दिखाई देता है, उसे इस एक डायलॉग में समेटा जा सकता है।
फिल्म : डियर जिंदगी
जीनियस वो नहीं होता जिसके पास हर सवाल का जवाब हो... जीनियस वो होता है जिसके पास हर जवाब तक पहुंचने का सब्र हो।
फिल्म : कलंक
मोहब्बत और नफरत दोनों के रंग लाल है। लेकिन फर्क ये है कि नफरत से दुनिया बर्बाद हो जाती है.. और मोहब्बत में खुद बर्बाद होना पड़ता है।
फिल्म : गंगूबाई काठियावाड़ी
हम दिल में आग और चेहरे पर गुलाब रखते हैं... मिटाकर आपके मर्दों की भूख हम उन औरतोंका रुबाब रखते हैं।
Edited By : Ankit Piplodiya