Publish Date: Fri, 20 Mar 2026 (14:03 IST)
Updated Date: Fri, 20 Mar 2026 (14:26 IST)
धुरंधर 2: द रिवेंज में रणवीर सिंह के एक्शन और आदित्य धर के डायरेक्शन ने सचमुच अच्छे-अच्छों के गर्दे उड़ा दिए हैं। यह सीक्वल न सिर्फ पहले भाग से आगे निकलती है, बल्कि बॉलीवुड के पुराने, थके-मांदे फॉर्मूले, लाउड मसाला, फेक हीरोइज्म और वायरों पर उड़ते गुंडों, को पूरी तरह चुनौती देती है। रिलीज के अगले ही दिन (19 मार्च 2026) फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया, पहले दिन ही 100 करोड़+ नेट कलेक्शन के साथ रिकॉर्ड तोड़े।
आदित्य धर ने फिर कमाल किया है। जसकीरत सिंह रांगी (रणवीर सिंह) अब हमजा अली मजारी बनकर कराची के अंडरवर्ल्ड में घुसपैठ करता है, ISI और टेरर नेटवर्क को अंदर से तोड़ने की कोशिश में। बदला, जासूसी, पाकिस्तान में घुसकर ऑपरेशन, सब कुछ इंटेंस और ग्राउंडेड है। फिल्म में रियल लाइफ इंसिडेंट्स (जैसे नोटबंदी, अतीक अहमद जैसी घटनाओं के संकेत) को कनेक्ट किया गया है, जो इसे और पावरफुल बनाता है। हालांकि कुछ लोग इसे प्रोपगैंडा कह रहे हैं, लेकिन एक्शन और इमोशंस का बैलेंस इतना शानदार है कि यह बोरिंग या प्रेडिक्टेबल नहीं लगती। पोस्ट-इंटरवल हिस्सा तेज, ग्रिपिंग और ट्विस्ट से भरा है। रनटाइम लगभग 3 घंटे 50 मिनट है, लेकिन थकान नहीं होती, खासकर सेकंड हाफ में।
लेकिन असली बात रणवीर सिंह के परफॉर्मेंस की है। उन्होंने भारतीय सिनेमा के फेक हीरोज की बत्ती बंद कर दी है। उनका किरदार फ्लॉन्ड, खतरनाक, अनप्रेडिक्टेबल और इमोशनली डेप्थ वाला है। एक्शन सीन रॉ हैं, खून बहता है, दर्द दिखता है, कोई फेक नहीं। बैकस्टोरी (आर्मी, फैमिली ट्रेजडी, बदले की आग) रोंगटे खड़े कर देती है। क्रिटिक्स और ऑडियंस दोनों कह रहे हैं कि यह उनके करियर का बेस्ट परफॉर्मेंस है। इमोशंस और एक्शन दोनों में मास्टरक्लास। उसकी हीरोइज्म उसके एक्शन्स से आती है, न कि कान फाड़ने वाले बैकग्राउंड म्यूजिक या स्लोमोशन स्वैग से।
एक्शन सीन ऐसे हैं जिसमें दर्शक दर्द महसूस करते हैं रॉ एक्शन जिसमें खून बहता है, चोट लगती है, और दर्शक को लगता है कि यह रियल है। वायरों और क्रेन से उड़ते गुंडों की फौज अब सस्ती और बकवास लगेगी।
फिल्म उन 'महान' डायरेक्टर्स और बुढ़ाते एक्टर्स को भी झटका देगी जो आज भी आलीशान सेट्स, हेयर स्टाइल, डिजाइनर कपड़ों, फोटोशॉप्ड सिक्स-पैक्स और भड़कीले कॉस्ट्यूम से लाउड कैरेक्टर बनाते हैं। यहां कैरेक्टर की साइकोलॉजिकल डेप्थ है।
रणवीर का किरदार जसकीरत एक आर्मी फैमिली से आता है, उसकी बैकस्टोरी इमोशनल है, और बदले की आग में वह कितना खतरनाक बन जाता है, यह देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। हालांकि फिल्म लंबी है (लगभग 3 घंटे 50 मिनट), लेकिन पोस्ट-इंटरवल हिस्सा तेज और इंगेजिंग है।
कुछ क्रिटिक्स कह रहे हैं कि ओरिजिनल जितना 'मजा' नहीं आया, लेकिन एक्शन, इंटेंसिटी और रणवीर की परफॉर्मेंस इसे अलग लेवल पर ले जाती है। यह फिल्म बॉलीवुड को सोचने पर मजबूर कर देगी। अब वक्त आ गया है रियल, ग्राउंडेड हीरोज का, न कि फेक उड़ान भरने वाले।
इस फिल्म के हीरो रणवीर सिंह को फुल मार्क्स जिन्होंने न सिर्फ एक्शन से, बल्कि इमोशंस से भी कमाल किया है। हेट्स ऑफ टू आदित्य धर जिन्होने रियल लाइफ इंसिडेंट्स को रील लाइफ से कनेक्ट करते हुए धुरंधर के पहले भाग को भी पीछे छोड़ दिया। ओवरऑल, यह बॉलीवुड को नेक्स्ट लेवल पर ले जाती है। रियल, ग्राउंडेड हीरोज, साइकोलॉजिकल डेप्थ और ब्लडी एक्शन का मिश्रण।
रणवीर सिंह और आदित्य धर की जोड़ी ने बॉलीवुड को नई सांस दी है। अगर आप इंटेंस एक्शन, रिवेंज ड्रामा और रियल हीरोइज्म चाहते हैं, तो थिएटर्स में जाकर देखें—यह अनुभव स्क्रीन पर ही पूरा लगता है!
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