Publish Date: Sat, 10 Jan 2026 (13:20 IST)
Updated Date: Sat, 10 Jan 2026 (13:56 IST)
बॉलीवुड के 'ग्रीक गॉड' रितिक रोशन 10 जनवरी को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं। रितिक ने अपनी फिटनेस, डांस और एक्शन से इंडस्ट्री में अलग पहचान बनाई है। लेकिन क्या आपको पता है कि वह बचपन में बड़े मानसिक ट्रामा से गुजरे हैं।
रितिक रोशन को बचपन से स्टैमरिंग (हकलाहट) की समस्या थी। इतना ही नहीं 21 साल की उम्र में स्कोलियोसिस नामक एक और गंभीर बीमारी ने उनके सपनों पर ब्रेक लगाने की कोशिश की। डॉक्टर्स ने भी रितिक रोशन को एक्टिंग को प्रोफेशन के रूप में चुनने से मना किया थश।
बचपन रितिक के उस दिन हाथ-पैर फूल जाते थे जब उनकी मौखिक परीक्षा (ओरल टेस्ट) होती थी। मैडम सवाल पूछती थी और रितिक हकलाने की समस्या के कारण ठीक से जवाब नहीं दे पाने के कारण नर्वस हो जाते थे। जिस दिन मौखिक परीक्षा होती थी, रितिक बहाने बना कर स्कूल नहीं जाते थे।
स्पीच थैरेपी के जरिये रितिक रोशन ने इस समस्या से निजात पाई। रितिक के मन में हकलाने को लेकर इतना भय है कि वे आज भी स्पीच थैरेपी को अपनाते हैं क्योंकि उन्हें इस बात का डर सताता है कि वे फिर से हकलाने न लग जाए।
अक्सर रितिक अपने संवादों को जोर-जोर से पढ़ कर प्रैक्टिस करते रहते हैं। अगले दिन होने वाली शूटिंग के सीन के डायलॉग वे जोर-जोर से दोहराते रहते हैं। रितिक मेहनती इंसान हैं और वे लगातार प्रैक्टिस करने से घबराते नहीं हैं।
रितिक रोशन जब एक्टिंग में डेब्यू करने की तैयारी कर रहे थे तभी उन्हें स्कोलियोसिस नामक एक और गंभीर बीमारी का पता चला। यह रीढ़ की हड्डी में घुमाव की बीमारी है, जिसमें व्यक्ति को लेटने, उठने और बैठने में काफी दिक्कत होती है। डॉक्टर्स ने उन्हें कह दिया था कि वह कभी भी डांस नहीं कर पाएंगे और बॉलीवुड हीरो बनने के लिए जरूरी सभी काम नहीं कर सकेंगे।