rashifal-2026

buddh purnima 2022 : 5 बौद्ध मुद्राओं का रहस्य चौंका देगा आपको

Webdunia
बुद्ध जयंती पर हम आपके लिए लाए हैं 5 बौद्ध मुद्राओं का रहस्य...
 
(1) गतिमान धर्मचक्र की मुद्रा:
दाहिने हाथ का अँगूठा और तर्जनी अँगुली बुद्धि और जुड़ने की कला को इंगित करती हैं। बाकी की तीन खड़ी हुई अँगुलियाँ बौद्ध शिक्षा का प्रतीक है। बाएँ हाथ की मुद्रा मनुष्य की मिश्रित क्षमताओं को इंगित करती है, जिस पर कि वह ज्ञान के पथ और जुड़ने की ओर बढ़ता है।
 
(2) ध्यान की मुद्रा:
मानव तंत्रिका प्रणाली जो कि मस्तिष्क के उस भाग से जुड़ी होती है जो परमानंद का कारक होता है, इसकी तंत्रिकाएँ हाथ के अँगूठों से होकर गुजरती हैं। इसे बौद्ध धर्म में बोधिचित्त कहा जाता है। इस मुद्रा में दोनों हाथों के अँगूठों का परस्पर जोड़ या मिलन बोधिचित्त के भविष्य में विकास की ओर इंगित करता है।
 
(3) सर्वोच्च प्राप्ति की मुद्रा:
दाहिने हाथ की मुद्रा सवोच्च प्राप्ति को इंगित करती है और बाएँ हाथ की मुद्रा ध्यान-चिंतन को दर्शाती है। ये दोनों मिलकर बुद्ध की सर्वोच्च शक्ति की ओर इंगित करते हैं। बुद्ध ध्यान में इस मुद्रा में बैठते थे।
 
(4) भूमि पर दबाव देने की मुद्रा:
दाहिने हाथ की मुद्रा भूमि पर दबाव देने की तथा बाएँ हाथ की मुद्रा ध्यान करने की होती है। ये दोनों मिलकर बुद्ध द्वारा सभी गतिरोधों पर पाई विजय को इंगित करती हैं। भूमि को छूने की मुद्रा बुद्ध के उस विजय का चिह्न है जब उन्होंने राक्षस मारा पर विजय पाई थी।
 
ध्यानावस्था में गतिशील धर्मचक्र की मुद्रा दाहिने हाथ की मुद्रा घूमते हुए धर्मचक्र और बाएँ हाथ की मुद्रा ध्यान-चिंतन को दर्शाती है। दोनों साथ मिलकर ध्यान के दौरान बौद्ध धर्म के शिक्षण की ओर इंगित करते हैं।
 
(5) ध्यानावस्था में गतिशील धर्मचक्र की मुद्रा:
दाहिने हाथ की मुद्रा घूमते हुए धर्मचक्र और बाएँ हाथ की मुद्रा ध्यान-चिंतन को दर्शाती है। दोनों साथ मिलकर ध्यान के दौरान बौद्ध धर्म के शिक्षण की ओर इंगित करते हैं।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

सूर्य का मकर राशि में गोचर, 12 राशियों का राशिफल, किसे होगा लाभ और किसे नुकसान

2026 में इन 4 राशियों का होगा पूरी तरह कायाकल्प, क्या आप तैयार हैं?

शाकंभरी माता की आरती हिंदी– अर्थ, लाभ और पाठ विधि | Shakambari mata ki aarti

Basant Panchami 2026: वर्ष 2026 में बसंत पंचमी का त्योहार कब मनाए जाएगा

क्या सच में फिर से होने वाला है ऑपरेशन सिंदूर प्रारंभ, क्या कहती है भविष्यवाणी

सभी देखें

धर्म संसार

शनिवार को भूलकर भी न करें ये 5 काम, 12 अचूक उपाय आजमाएंगे तो खुल जाएगी किस्मत: shaniwar ke upay

17 January Birthday: आपको 17 जनवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 17 जनवरी 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

बसंत पंचमी पर बन रहे हैं दुर्लभ योग संयोग, शुभ कार्यों के लिए है अबूझ मुहूर्त

बिजनौर: हनुमान मूर्ति के चारों ओर 4 दिन से घूम रहा कुत्ता, आस्था या कोई संकेत? Video

अगला लेख