Palm Sunday 2022 : पाम संडे का महत्व और खास कार्य जानिए

Webdunia
पाम संडे यानी खजूर रविवार (Palm Sunday 2022)। यह ईसाई धर्म के अनुयायियों के प्रमुख त्योहारों में से एक है। वर्ष 2022 में दिन रविवार, 10 अप्रैल 2022 को पाम संडे मनाया जा रहा है। पाम संडे को पवित्र सप्ताह की शुरुआत के रूप में भी मनाया जाता है। इसका समापन ईस्टर के रूप में होता है। पाम संडे दक्षिण भारत में प्रमुखता से मनाया जाता है। इसे 'पैसन संडे' भी कहा जाता है। यह दिन ईसाई समुदाय के लोगों में प्रभु यीशु के यरुशलम में विजयी प्रवेश के रूप में मनाया जाता हैं। 
 
पवित्र बाइबल पाम संडे के बारे में उल्लेख है, जिसमें कहा गया है कि प्रभु यीशु जब यरुशलम पहुंचे, तो उनके स्वागत में बड़ी संख्या में लोग पाम यानी खजूर की डालियां अपने हाथों में लहराते हुए एकत्रित हो गए थे। लोगों ने प्रभु यीशु की शिक्षा और चमत्कारों को अंगीकार करके उनका जोरदार स्वागत किया था। उस दिन की याद में पाम संडे (Palm Sunday) मनाया जाता है। ज्ञात हो कि प्रभु यीशु को सलीब पर चढ़ाने से पहले उनका स्वागत राजाओं की तरह किया गया था। 
 
पाम संडे के खास अवसर पर चर्चों में विशेष आयोजन होते हैं। इसमें बाइबल का पाठ, प्रवचन और मिस्सा का आयोजन भी होती है। साथ ही एक विशेष आयोजन के साथ शाम को विशेष चल समारोह निकाला जाता है। पाम संडे यानी खजूर रविवार, पवित्र बृहस्पतिवार और गुड फ्राइडे यीशु के आखिरी रात्रिभोज के रूप में जाने जाते हैं।
 
Palm Sunday : पाम संडे के खास कार्य-
 
- पाम संडे (खजूर का रविवार) सभी चर्चों में धूमधाम से मनाया जाता है। इसी के साथ ईसाई समुदाय का पवित्र सप्ताह शुरू होता है जो आने वाले शुक्रवार को गुड फ्राइडे एवं रविवार को ईस्टर पर्व तक मनाया जाता है।
 
- पाम संडे के दिन ईसाई धर्म के अनुयायी प्रभु के आगमन की खुशी में गीत गाकर इस दिन का स्वागत करते हैं। 
 
- इस दिन लोग खजूर की डालियों को लेकर चर्च में जाते हैं। इसे खजूर रविवार भी कहते है।
 
- ईसाई धर्म के लोग हाथों में खजूर की डालियां लेकर प्रभु के आने की खुशी में गीत गाते है। 
 
- पाम संडे से गिरजाघरों में शुरू हुआ प्रभु आराधना और भक्ति का यह सिलसिला ईस्टर तक जारी रहता है।
 
- इन दिनों झांकियां सजा कर प्रभु यीशु का जीवन दर्शाया जाएगा। 
 
- पाम संडे से ईस्टर संडे तक प्रभु की विशेष आराधना की जाती है। 
 
- अधिकांश घरों में, चर्च से प्राप्त ताड़ के पत्ते यीशु की तस्वीर के सामने रखे जाते हैं। 
 
- इन दिनों सभी गि‍रजाघरों में विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन होता हैं। 
 
- खजूर रविवार (khajur ravivar) यानी पाम संडे से चर्च में प्रारंभ होने वाली विशेष आराधना में सम्पूर्ण ईसाई अनुयायी प्रभु यीशु की भक्ति में लीन रहेंगे तथा ईस्टर पर्व तक यह सिलसिला जारी रहेगा। इस अवसर पर लोगों को खजूर बांटे जाते हैं। 
 
khajur ravivar

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

पर्स में रखें ये 5 चीजें, कभी नहीं होगी धन की कमी बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा

चैत्र नवरात्रि पर IRCTC का वैष्‍णोदेवी स्पेशल टूर पैकेज, जानिए कम खर्च में कैसे जा सकते हैं माता रानी के दरबार में

चैत्र नवरात्रि 2025 की अष्टमी तिथि कब रहेगी, क्या रहेगा पूजा का शुभ मुहूर्त?

बुध ग्रह मीन राशि में अस्त, 3 राशियां रहेंगी मस्त

बुध हुए मीन राशि पर अस्त, जानें 5 राशियों पर क्या होगा असर

सभी देखें

धर्म संसार

21 मार्च 2025 : आपका जन्मदिन

21 मार्च 2025, शुक्रवार के शुभ मुहूर्त

jhulelal jayanti 2025: भगवान झूलेलाल की कहानी

चैत्र नवरात्रि पर घट स्थापना और कलश स्थापना क्यों करते हैं?

जानिए कब शुरू को रही है केदारनाथ समेत चारधाम की यात्रा

अगला लेख