rashifal-2026

कोरोना के साए में नया साल, नाइट कर्फ्यू और पाबंदियों के बीच कैसे होगा 2022 का स्वागत...

Webdunia
शुक्रवार, 31 दिसंबर 2021 (08:56 IST)
नई दिल्ली। कोरोना वायरस और ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों के साथ ही देश में नए साल में एक बार फिर महामारी की दहशत दिखाई दे रही है। सरकार ने नए साल का स्वागत भी घर में करने की अपील की है। लोगों को मास्क पहनने के साथ ही भीड़ से बचने की सलाह भी दी गई है। कई राज्यों में नाइट कर्फ्यू के साथ ही कई अन्य पाबंदियां भी लगाई गई है।
 
दिल्ली में कोरोना का ग्रहण : दिल्ली में हाल के दिनों में कोविड-19 के मामलों में हो रही वृद्धि को देखते हुए दिल्ली पुलिस द्वारा नए साल की पूर्व संध्या पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएंगे। पुलिस यह सुनिश्चित करेगी कि दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की ओर से जारी कोविड-उपयुक्त व्यवहार संबंधी दिशा-निर्देशों को सख्ती से लागू कराया जाए। पुलिस के मुताबिक दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
 
मुंबई में सुरक्षा सख्त : मुंबई में नववर्ष की पूर्व संध्या पर खालिस्तानी तत्वों द्वारा संभावित आतंकी हमले के खुफिया अलर्ट के बीच शहर की पुलिस ने रेलवे स्टेशनों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी है। साथ ही पूरी क्षमता उपलब्ध रहने के मद्दनेजर पुलिसकर्मियों के साप्ताहिक अवकाश और छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। 
 
कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के मद्देनजर पुलिस 31 दिसंबर को शहरभर में कड़ी सर्तकता बरतेगी। गेटवे ऑफ इंडिया और मरीन ड्राइव जैसे प्रमुख स्थानों पर लोगों की भीड़ जुटने को ध्यान में रखते हुए शहर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया जाएगा।
 
यूपी में दिखेगी सख्‍ती : उत्तरप्रदेश में रात 11 बजे से लेकर सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू रहेगा। सरकार द्वारा जारी कोविड गाइडलाइन के अनुसार, अब किसी भी इवेंट में एक जगह 200 से ज्यादा लोग इकट्ठा नहीं हो सकेंगे। इसका सीधा असर नए साल के सेलिब्रेशन पर पड़ेगा।
 
कोलकाता में मंदिर बंद : कोलकाता का विश्व प्रसिद्ध दक्षिणेश्वर काली मंदिर, रामकृष्ण मिशन का मुख्यालय बेलूर मठ, शक्तिपीठ कालीघाट मंदिर के अलावा थंथानिया मंदिर एक जनवरी को श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेंगे। पश्चिम बंगाल में कोविड-19 के मामलों में लगातार हो रही वृद्धि के मद्देनजर मंदिरों के प्रशासन ने यह फैसला किया है।
 
दक्षिणेश्वर मंदिर के ट्रस्टी कुशल चौधरी ने कहा कि मंदिर के अधिकारियों को यह फैसला करने के लिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि एक जनवरी के दिन लाखों की तादाद में श्रद्धालु मंदिर में आते हैं और इस दौरान कोविड-19 संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करवाना काफी कठिन होगा।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

सतुआ बाबा का Magh Mela 2026 में जलवा, Ray-Ban के सनग्लासेस, काफिले में Defender और Porsche जैसी लग्जरी कारें देखकर लोग हैरान

ईरान ने दी अमेरिकी बेस पर हमले की धमकी, MEA ने कहा- भारतीय तुरंत छोड़ें देश

लंदन में पाकिस्तानी Grooming Gang का आतंक, 16 साल की बच्ची से गैंगरेप, बंधक बनाया, 200 सिखों ने छुड़वाया

दिग्विजय सिंह के बाद कांग्रेस से कौन जाएगा राज्यसभा, दिग्गज नेताओं की खुलेगी किस्मत या नए को मिलेगा मौका?

कांग्रेस विधायक ने SC-ST विधायकों की तुलना कुत्ते से की, भाजपा ने बताया गुलामी की मानसिकता

सभी देखें

नवीनतम

इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग में यूपी की मजबूत छलांग, 2316 ईवी चार्जिंग स्टेशन

LIVE: बीएमसी समेत 29 नगर निगमों में मतदान, भागवत और अक्षय कुमार ने डाला वोट

Islamic Nato क्या है, Pakistan-सऊदी के सैन्य गठबंधन में तुर्की की इंट्री, भारत के लिए कितना खतरनाक

उज्जैन में 5 दिवसीय 'श्री महाकाल महोत्सव' का CM डॉ. मोहन यादव ने किया शुभारंभ

षटतिला एकादशी, मकर संक्रांति स्नान के लिए संगम में उमड़ा आस्था का ज्वार, 85 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

अगला लेख