Publish Date: Sat, 10 Apr 2021 (12:49 IST)
Updated Date: Sat, 10 Apr 2021 (12:53 IST)
कोरोना के पिछले अटैक में जवान लोग असिम्प्टोमैटिक या माइल्ड सिम्प्टमैटिक हो रहे थे। वहीं बच्चों में तो इन्फेक्शन नाम मात्र का ही था। लेकिन नए अटैक में कारोना बच्चों को भी संक्रमित कर रहा है।
दरअसल, इस बार कोरोना ने अपना रूप बदल लिया है और वो बेहरुपिया हो गया है। यही कारण है कि इस बार यह तेजी से फैल रहा है।
शायद वैक्सीन से बचने के लिए कोरोना ने अपना चेहरा बदल लिया है। चिंता वाली बात तो यह है कि बहुतों में कोई सिम्पट्म नहीं है, वहीं जिनमें लक्षण हैं वो टेस्ट के बाद नेगेटिव आ रहे हैं। लिहाजा सीटी स्कैन पर ही देखने से कोरोना की असल स्थिति का पता लग रहा है।
डॉक्टरों का कहना है कि ये नया ट्रेंड है कि घर में एक पॉजिटिव है तो सभी इनफेक्ट हो रहे हैं और बच्चे भी बीमार हो रहे हैं। यानि नई लहर में बच्चों को बचाकर रखना ज्यादा जरूरी है।
पुराने वायरस में सूंघने और स्वाद की क्षमता कम होती थी बुखार और सूखी खासी होती थी। इस बार गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सिस्टम यानि पेट से संबंधित उल्टी, दस्त, पेट में दर्द और आंखो में लाली आना, थकावट और नाखूनों का रंग बदलना भी शामिल है।