Hanuman Chalisa

सावधान! पानी में मिला Coronavirus, रिचर्स में सामने आई बड़ी बात

Webdunia
मंगलवार, 25 मई 2021 (17:54 IST)
लखनऊ। पानी में कोरोनावायरस मिलने से हड़कंप मच गया है। 3 स्थानों से लिए गए सैंपल में एक सैंपल पॉजिटिव मिला है। अब पानी में फैले वायरस का मनुष्य पर कितना असर होगा, इस पर रिसर्च किया जा रहा है। 
 
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च और वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के अध्ययन में पानी में भी कोरोनावायरस पाया गया है। रिसर्च एसजीपीजीआई का माइक्रोबायोलॉजी विभाग द्वारा की जा रही है। 
 
विभिन्न नदियों में शव बहाए जाने के बाद आईसीएमआर और डब्ल्यूएचओ ने देशभर में अध्ययन कराने की योजना बनाई थी। पिछले दिनों लोगों ने गंगा नदी में कई शव बहाए थे।

मीडिया खबरों के मुताबिक कुछ समय पूर्व पीजीआई के मरीजों में रिसर्च किया गया था उस वक्त यह पाया गया था कि मल में मौजूद वायरस पानी में पहुंच सकता है।

ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि कोरोनावायरस से पीड़ित तमाम मरीजों के स्टूल (मल) से सीवेज तक कोरोनावायरस पहुंचा हो। कई अन्य रिचर्स पेपर में भी यह बात सामने आई है कि 50 प्रतिशत मरीजों के स्टूल के वायरस सीवेज तक पहुंच जाते हैं।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

कौन हैं तेजस्वी घोसालकर, मुंबई की संभावित मेयर जिन्होंने 2024 में पति अभिषेक की हत्या की त्रासदी झेली

Karnataka : क्या लक्कुंडी गांव में मिलेगा सोने का भंडार? 400 साल पुराने खजाने के रहस्य ने उड़ाए होश, खुदाई के लिए पहुंचा JCB और ट्रैक्टरों का काफिला

Lashkar E Taiba के कमांडर का कबूलनामा, हम वहां बैठ भी नहीं सकते, Pakistan को दर्द दे रहे Operation Sindoor से मिले घाव

bmc election results : महाराष्ट्र के BMC चुनाव में राज ठाकरे की हार, क्या उद्धव आगे देंगे भाई का साथ

महाराष्ट्र की सियासत में ठाकरे ब्रांड का सूर्यास्त!, निकाय चुनाव में 40 साल बाद ढहा BMC का किला, उद्धव-राज ठाकरे की जोड़ी बेअसर

सभी देखें

नवीनतम

इंदौर में भारत इतिहास दोहराएगा या न्यूजीलैंड इतिहास रचेगी?

मुंबई के बाद अब बंगाल की बारी, मालदा में पीएम मोदी ने दिया जीत का नया मंत्र

बांग्लादेश में एक और हिंदू युवक की हत्या, पेट्रोल पंप पर कार से कुचलकर ली जान

कौन हैं सतुआ बाबा? महंगी कारों के काफिले के साथ प्रयागराज माघ मेले में बने चर्चा का केंद्र

राहुल गांधी ने बताया, क्या है BJP की डबल इंजन सरकार का नया स्मार्ट सिटी मॉडल?

अगला लेख