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Myths and facts: कोरोना कहर के बीच इन बैसिक बातों को जरूर जानें और समझें

Webdunia
रविवार, 25 अप्रैल 2021 (11:54 IST)
कोरोना बहुत तेजी से फैल रहा है, इस बीच कई तरह की अफवाहें भी फैल रही हैं। लोग कन्‍फ्यूज्‍ड हैं कि किस सलाह पर ध्‍यान दें और किस पर नहीं। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं कुछ बहुत ही सामान्‍य सी बातों के बारे में जो आपको सुरक्षि‍त और स्‍वस्‍थ्‍य रखने में बहुत काम आएगी।

क्‍या अच्‍छा होता है साबुन या सैनिटाइज़र?
साबुन और पानी से हाथों को साफ करने का तरीका अब भी सबसे अच्छा है। हाथों को कम से कम 20 सेकंड तक साबुन और पानी से धोया जाना चाहिए। यह तरीका सैनि‍टाइजर से ज्‍यादा कारगर है क्‍योंकि बाजार में नकली सैनिटाइजर भी चल रहे हैं।

कौन सा सैनिटाइज़र सही रहेगा?
यदि साबुन और पानी उपलब्ध नहीं है, तो कम से कम 60 प्रतिशत अल्कोहल वाले हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग करें। अच्‍छी कंपनी का सैनिटाइजर पर लिखा रहेगा कि उसमें कितना प्रतिशत अल्‍कोहल शामिल है।

अल्कोहल आधारित सैनिटाइज़र क्यों होना चाहिए?
अल्कोहल वायरस और बैक्टीरिया सहित विभिन्न प्रकार के रोगाणुओं को मारने में प्रभावकारी है। कोरोना वायरस एक ऐसे प्रकार का वायरस है, जिसमें एक बाहरी आवरण होता है। इसे आवरण को इनवेलप कहा जाता है। अल्कोहल इस आवरण को खत्म कर सकता है।

सैनिटाइज़र का उपयोग कैसे करें?
हैंड सैनिटाइज़र को एक हथेली पर लगाने के बाद दोनों हाथों को एक साथ रगड़ना चाहिए। रगड़ते समय, जेल को हाथ की सभी सतहों को कवर करते हुए अंगुलियों पर फैलाया जाना चाहिए। यह प्रक्रिया जेल के पूरी तरह सूखने तक की जानी चाहिए।

क्या हम किसी और चीज को कीटाणुरहित कर सकते हैं?
क्लीन्ज़र और वाइप्स उन वस्तुओं, सतहों की सफाई करने और कीटाणुरहित करने में प्रभावी होते हैं, जिन्हें अक्सर छुआ जाता है।

क्‍या किसी खास मौसम में कोरोना खत्‍म हो जाएगा?
यह मानने का कोई कारण नहीं है कि ठंड का मौसम नोवेल कोरोनावायरस या अन्य बीमारियों को खत्म कर सकता है। बाहरी तापमान या मौसम कोई भी हो, सामान्य मानव शरीर का तापमान लगभग 36.5 डिग्री सेल्सियस से 37 डिग्री सेल्सियस तक रहता है। कोरोनावायरस से खुद को बचाने के लिए सबसे प्रभावी तरीका अल्कोहल पर आधारित हैंड रब से साफ करना या साबुन और पानी से धोना है।

क्या वोदका का सैनिटाइज़र के रूप में उपयोग किया जा सकता है?
कई DIY (डू इट योरसेल्फ) साइटों और कार्यक्रमों में यह सुझाव दिया गया है। लेकिन इसके बावजूद वोदका में प्रभावी रूप से रोगाणुओं को मारने के लिए पर्याप्त मात्रा में एल्कोहल नहीं होता है, बेहतर होगा मेड‍िकल आधारित चीजों का ही इस्‍तेमाल करें।

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