Hydroxychloroquine से प्रभावित हो सकती है हृदय की धड़कन

Webdunia
मंगलवार, 2 जून 2020 (17:56 IST)
ह्यूस्टन। अनुसंधानकर्ताओं ने ऑप्टिकल मैपिंग प्रणाली का इस्तेमाल यह दर्शाने में किया है कि किस तरह मलेरिया की दवा ‘हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन’ (Hydroxychloroquine) हृदय की धड़कन को नियंत्रित करने वाले विद्युत संकेतों में गंभीर गड़बड़ी पैदा करती है। इस दवा का प्रचार कोविड-19 के संभावित उपचार के तौर पर किया गया।
 
अमेरिका के जॉर्जिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के वैज्ञानिकों समेत अन्य अनुसंधानकर्ताओं ने बताया कि यह अध्ययन इस बात पर प्रकाश डालता है कि कैसे यह दवा हृदय की धड़कन को गंभीर रूप से प्रभावित करती है। ‘हार्ट रिदम’ जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में यह पाया गया कि यह दवा आश्यचर्यजनक रूप से हृदय की धड़कन में अनियमितता पैदा करती है।
 
अध्ययन में, वैज्ञानिकों ने दो प्रकार के जानवरों के दिलों पर दवा के प्रभावों का आकलन किया और पाया कि यह हृदय की धड़कन को नियंत्रित करने वाली विद्युत तरंगों के समय को बदल देती है।
 
हालांकि जरूरी नहीं है कि जानवरों पर किया गया अध्ययन मनुष्यों पर भी लागू ही हो। वैज्ञानिकों का कहना है कि उन्होंने जो वीडियो बनाए हैं उसमें यह स्पष्ट दिखता है कि कैसे यह दवा हृदय में विद्युत तरंगों में गड़बड़ी पैदा कर सकती है।
 
जॉर्जिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के भौतिकी के प्रोफेसर और इस अध्ययन के सह-लेखक फ्लेवियो फेंटन ने कहा कि उन्होंने इस प्रयोग के लिए ऑप्टिकल मैपिंग का सहारा लिया। इससे उन्हें यह देखने में मिली कि हृदय की तरंगें किस तरह से बदलती हैं।
 
वहीं, इमोरी विश्वविद्यालय अस्पताल के प्रोफेसर और सह-लेखक शहरयार इरावनियन ने कहा कि कोविड-19 को लेकर इस दवाई का परीक्षण क्लिनिकल ट्रायल तक ही रखा जाना चाहिए।
 
उन्होंने कहा कि रूमेटाइड आर्थराइटिस और ल्यूपस जैसी बीमारियों के इलाज में भी इस दवाई का इस्तेमाल होता है और ऐसे मरीज विरले ही हृदय की धड़कन में अनियमितता का सामना करते हैं क्योंकि जितनी खुराक में कोविड-19 मरीजों के लिए दवाइयों की सिफारिश की जा रही है उसकी तुलना में इन्हें काफी कम दिया जाता है।
 
वैज्ञानिकों के अनुसार कोविड-19 के मरीज अलग होते हैं और वे इस दवाई से उत्पन्न होने वाली हृदय की धड़कन अनियमितता को लेकर ज्यादा खतरे में हैं।
 
उन्होंने कहा कि कोविड-19 मरीजों के लिए इसकी खुराक सामान्य की अपेक्षा दो-तीन गुणा ज्यादा है। कोविड-19 हृदय को प्रभावित करता है और पोटेशियम का स्तर कम करता है। इससे हृदय की धड़कन में अनियमितता का खतरा बढ़ता है। (भाषा)

सम्बंधित जानकारी

Show comments

महाराष्ट्र में कौनसी पार्टी असली और कौनसी नकली, भ्रमित हुआ मतदाता

Prajwal Revanna : यौन उत्पीड़न मामले में JDS सांसद प्रज्वल रेवन्ना पर एक्शन, पार्टी से कर दिए गए सस्पेंड

क्या इस्लाम न मानने वालों पर शरिया कानून लागू होगा, महिला की याचिका पर केंद्र व केरल सरकार को SC का नोटिस

MP कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और MLA विक्रांत भूरिया पर पास्को एक्ट में FIR दर्ज

टूड्रो के सामने लगे खालिस्तान जिंदाबाद के नारे, भारत ने राजदूत को किया तलब

कोविशील्ड वैक्सीन लगवाने वालों को साइड इफेक्ट का कितना डर, डॉ. रमन गंगाखेडकर से जानें आपके हर सवाल का जवाब?

Covishield Vaccine से Blood clotting और Heart attack पर क्‍या कहते हैं डॉक्‍टर्स, जानिए कितना है रिस्‍क?

इस्लामाबाद हाई कोर्ट का अहम फैसला, नहीं मिला इमरान के पास गोपनीय दस्तावेज होने का कोई सबूत

पुलिस ने स्कूलों को धमकी को बताया फर्जी, कहा जांच में कुछ नहीं मिला

दिल्ली-NCR के कितने स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, अब तक क्या एक्शन हुआ?

अगला लेख