Hanuman Chalisa

लापरवाही का virus, इंदौर में 2 महीने बाद दी गई Covid 19 से मरीज की मौत की जानकारी

Webdunia
शुक्रवार, 5 जून 2020 (14:41 IST)
इंदौर (मध्यप्रदेश)। देश में कोविड-19 से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल इंदौर में इस महामारी से मरीजों की मौत की आधिकारिक जानकारी मीडिया के साथ देरी से साझा किए जाने का सिलसिला जारी है और इस विलंब से स्वास्थ्य विभाग के रवैए पर सवाल उठ रहे हैं। ताजा मामले में कोविड-19 से एक मरीज की मौत की जानकारी करीब 2 महीने की देरी से दी गई है।
ALSO READ: बड़ी खबर, भारत की पहली Corona टेस्टिंग मशीन इंदौर में आएगी
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि कोविड-19 से संक्रमित होने के बाद यहां अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के दौरान 4 मरीजों की मौत हो गई। इनमें शामिल 42 वर्षीय पुरुष ने 6 अप्रैल को दम तोड़ा था। इस मरीज की मौत की जानकारी देरी से दिए जाने के बारे में पूछे जाने पर प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) एमपी शर्मा ने कहा कि मैं पता करता हूं कि यह देरी किस स्तर पर हुई है?
 
उन्होंने कहा कि हमें कई बार कोविड-19 से मरीजों की मौत को लेकर अस्पतालों से देर से जानकारी मिलती है लेकिन यह बात सच है कि इसमें विलंब नहीं होना चाहिए। हम संबंधित तंत्र में जल्द सुधार करेंगे।
 
जिले में कोविड-19 से मरने वाले लोगों का आधिकारिक ब्योरा देरी से दिए जाने के कई मामले में सामने आ चुके हैं। प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के साथ ही गैरसरकारी संगठन आरोप लगा रहे हैं कि प्रशासन इन मौतों का खुलासा अपनी सुविधानुसार कर रहा है जिससे महामारी के सरकारी आंकड़ों की विश्वसनीयता को लेकर संदेह पैदा होता है। कांग्रेस इस मामले में प्रदेश सरकार द्वारा श्वेत पत्र जारी करने की मांग तक कर चुकी है।
ALSO READ: इंदौर में गमछे पर बवाल, बदला आदेश, CHMO को भी हटाया
बहरहाल, कोविड-19 से मौत के 4 नए मामलों के बाद जिले में इस महामारी की चपेट में आकर दम तोड़ने वाले मरीजों की तादाद 149 पर पहुंच गई है। इस बीच अधिकारियों ने बताया कि जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान कोविड-19 के 54 नए मामले मिले हैं। इसके बाद संक्रमितों की कुल तादाद 3,633 से 3,687 बढ़कर हो गई है।
 
उन्होंने बताया कि इलाज के बाद कोविड-19 के संक्रमण से मुक्त होने पर अब तक जिले के 2,243 लोगों को अस्पतालों से छुट्टी दी जा चुकी है। कोविड-19 का प्रकोप कायम रहने के कारण मद्देनजर इंदौर जिला रेड जोन में बना हुआ है। जिले में इस प्रकोप की शुरुआत 24 मार्च से हुई, जब पहले 4 मरीजों में इस महामारी की पुष्टि हुई थी। (भाषा)

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

किस मामले को लेकर बौखलाया चीन, भारत से कहा- बीच में मत पड़ो, यह हमारा मामला

'महंगाई मैन' का फिर हमला, राहुल गांधी का पेट्रोल मूल्यवृद्धि के बाद मोदी पर तीखा तंज

पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बयान, कब तक मिलेगी राहत

मासूम की चीखों पर 'बेशर्म' मुस्कुराहट, 10 साल की बच्ची का यौन उत्पीड़न, हत्या के बाद मंत्री और पुलिस अधिकारियों के व्यवहार पर भड़के लोग

जस्टिस स्वर्णकांता ने किया बहिष्कार तो माने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया ने भी की हां

सभी देखें

नवीनतम

श्री श्री रविशंकर के आर्ट ऑफ लिविंग के प्रयासों से भारत के सॉफ्ट पावर को मिली नई ऊर्जा

मुंबई के मीरा रोड में आधी रात को भारी बवाल: सोसाइटी में बकरों के शेड को लेकर भिड़े दो पक्ष, पुलिस बल तैनात

समुद्र में चीन की मनमानी पर लगेगा ब्रेक? दिल्ली में क्वाड देशों ने दिया कड़ा संदेश

उत्‍तराखंड के CM धामी ने चेताया, सड़क पर न हो नमाज, अधिकारियों को दिए निर्देश

NEET जैसी परीक्षा कराना कैसे बन गई सरकार के लिए चुनौती?

अगला लेख