Publish Date: Tue, 15 Dec 2020 (17:26 IST)
Updated Date: Tue, 15 Dec 2020 (17:53 IST)
न्यूयॉर्क। पराबैंगनी (यूवी) प्रकाश उत्सर्जक डायोड (यूवी-एलईडी) कोरोनावायरस को तेजी से, आसानी से और किफायती तरीके से मारने में कारगर साबित हो सकते हैं। एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है। अध्ययन में कहा गया है कि इस नवोन्मेष का इस्तेमाल वातानुकूलन और जल प्रणालियों में भी किया जा सकता है।
'जर्नल ऑफ फोटोकेमिस्ट्री एंड फोटोबॉयोलॉजी बी: बॉयोलॉजी' में प्रकाशित अनुसंधान के तहत कोरोनावायरसों के परिवार के किसी वायरस पर यूवी-एलईडी विकिरण की विभिन्न तरंगों की रोगाणुनाशन क्षमता का आकलन किया गया।
अमेरिका स्थित 'अमेरिकन फ्रेंड्स ऑफ तेल अवीव यूनिवर्सिटी' के अध्ययन की सह लेखिका हदस ममने ने कहा कि पूरी दुनिया कोरोनावायरस को नष्ट करने के प्रभावी समाधान ढूंढ रही है। वैज्ञानिक ने कहा कि किसी बस, ट्रेन, खेल के मैदान या विमान को रासायनिक पदार्थों के छिड़काव से संक्रमणमुक्त करने में लोगों और रसायन को सतह पर काम करने के लिए समय की आवश्यकता होती है।
ममने ने कहा कि एलईडी बल्बों पर आधारित संक्रमणमुक्त करने की प्रणालियां वायु-संचरण प्रणाली एवं एयर कंडीशनर में लगाई जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि हमने पाया कि पराबैंगनी किरणें उत्सर्जित करने वाले एलईडी बल्बों की मदद से कोरोनावायरस को मारना बहुत आसान है। मैंने सस्ते और आसानी से उपलब्ध एलईडी बल्बों की मदद से वायरस को मारा।
अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि प्रणाली को इस तरह से डिजाइन किया जाना चाहिए ताकि व्यक्ति प्रकाश के सीधे संपर्क में न आए, क्योंकि घरों के भीतर सतहों को संक्रमणमुक्त करने के लिए यूवी-एलईडी का इस्तेमाल बहुत खतरनाक होगा। (भाषा)