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महाराष्ट्र में रिकॉर्ड 57,074 नए मामले, 222 मरीजों की मौत; नाइट कर्फ्यू से लेकर वीकेंड लॉकडाउन का ऐलान, राजस्थान में नई गाइडलाइन जारी

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सोमवार, 5 अप्रैल 2021 (00:02 IST)
नई दिल्ली। देश में कोरोना की रफ्तार में कोई कमी नहीं आई है। कोरोनावायरस की स्थिति पर समीक्षा के लिए प्रधानमंत्री ने हाईलेवल मीटिंग में राज्यों को नए निर्देश दिए, वहीं महाराष्ट्र सरकार ने नाइट कर्फ्यू और वीकेंड लॉकडाउन का ऐलान किया है। राजस्थान सरकार ने भी नई गाइडलाइन जारी की।
रिकॉर्ड मामले : महाराष्ट्र में रविवार को कोरोनावायरस संक्रमण के 57,074 नए मामले सामने आए, जो किसी एक दिन में राज्य में सर्वाधिक संख्या है। वहीं, 222 और मरीजों की महमारी से मौत हो गई। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने एक बयान में यह जानकारी दी।

महाराष्ट्र में अब तक संक्रमण के कुल 30,10,597 मामले सामने आ चुके हैं, जबकि कुल मृतक संख्या बढ़कर 55,878 तक पहुंच गई है। बयान के मुताबिक महाराष्ट्र में कोविड के फिलहाल 4,30,503 मरीज उपचाराधीन हैं। रविवार को 27,508 मरीजों को संक्रमणमुक्त होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इसके साथ ही कुल 25,22,823 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।
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नाइट कर्फ्यू का ऐलान : महाराष्ट्र सरकार ने सप्ताहांत में शुक्रवार रात 8 बजे से सोमवार सुबह सात बजे तक लॉकडाउन लागू करने की रविवार को घोषणा की। साथ ही, सोमवार से 30 अप्रैल तक रात्रिकालीन कर्फ्यू लागू करने की भी घोषणा की। निजी कार्यालय, थियेटर और सैलून आदि बंद रखने जैसी कड़ी पाबंदियां भी लागू रहेंगी। शुक्रवार रात 8 बजे से सोमवार सुबह 7 बजे तक लॉकडाउन लागू रहेगा।

इसके अलावा, सप्ताह के सभी दिनों में दिन के वक्त धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू की जाएगी। आवश्यक सेवाओं से जुड़ी दुकानों, मेडिकल स्टोर एवं किराना दुकानों के अलावा सभी अन्य दुकानें, बाजार और शॉपिंग मॉल 30 अप्रैल तक बंद रहेंगे। ये सभी नए प्रतिबंध सोमवार रात आठ बजे से प्रभावी होंगे। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हुई मंत्रिमंडल की विशेष बैठक के दौरान इन सभी प्रतिबंधों को लागू करने का निर्णय लिया गया।
 
ये रहेंगे बंद : बैंकिंग, शेयर बाजार, बीमा, दवा, टेलीकम्युनिकेशन और मेडिक्लेम क्षेत्र को छोड़कर इन प्रतिबंधों के तहत सभी निजी कार्यालय बंद रहेंगे। निजी कार्यालयों के लिए ‘घर से काम’(वर्क फ्रॉम होम) लागू करना अनिवार्य है। हालांकि, स्थानीय आपदा प्रबंधन, बिजली विभाग और जलापूर्ति से जुड़े कार्यालयों को प्रतिबंधों से छूट रहेगी। इसके मुताबिक, कोविड-19 प्रबंधन से जुड़े विभागों को छोड़कर बाकी सभी सरकारी दफ्तरों को क्षमता से 50 प्रतिशत से ही काम करने की इजाजत होगी।

साथ ही आंगतुकों को सरकारी कार्यालयों में प्रवेश की इजाजत नहीं दी जाएगी। हालांकि, आवश्यक सेवाओं को रात्रिकालीन कर्फ्यू में छूट दी गई है। पार्क, बीच (समुद्र तट) एवं सभी सार्वजनिक स्थल रात आठ बजे से सुबह सात बजे तक बंद रहेंगे। अगर स्थानीय प्रशासन को लगता है कि दिन के समय में इन स्थानों पर भीड़ एकत्र हो रही है तो इन्हें बंद रखा जा सकता है।

सार्वजनिक एवं निजी परिवहन सेवाओं का संचालन जारी रहेगा। टैक्सी और ऑटोरिक्शा वाले अपनी क्षमता की 50 फीसदी सवारियां ही बैठा सकते हैं। बसों में सवारियों को खड़े होकर यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी और मास्क पहनना अनिवार्य होगा। साथ ही बस चालक, कंडक्टर और अन्य कर्मचारियों के पास कोविड-19 की नेगेटिव जांच रिपोर्ट होनी चाहिए।

बयान के मुताबिक, थियेटर, सिनेमाघर, वीडियो पार्लर, मल्टीप्लेक्स, क्लब, स्वीमिंग पूल, खेल परिसर आदि मनोरंजन स्थल बंद रहेंगे। धार्मिक स्थल श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेंगे। हालांकि, वहां धार्मिक अनुष्ठान जारी रहेंगे। बार, रेस्तरां, छोटी दुकानें केवल सामान पैक करा कर ले जाने के लिए और पार्सल के लिए खुली रहेंगी।
 
मुंबई में 11 हजार से ज्यादा मामले : मुंबई में रविवार को कोविड-19 के एक दिन में सबसे अधिक 11,163 नये मामले सामने आये जिससे महानगर में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 4,52,445 हो गई। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) ने एक बयान में कहा कि 25 और मरीजों की मौत होने के साथ ही महानगर में मृतक संख्या बढ़कर 11,776 हो गई। अस्पतालों से कुल 5,263 मरीजों को छुट्टी दी गई, जिससे ठीक होने वाले मरीजों की संख्या बढ़कर 3,71,628 हो गई। बीएमसी ने कहा कि रविवार को शहर भर में 43,597 जांच की गई जिससे यहां अभी तक की गई जांच की संख्या बढ़कर 42,49,175 हो गई। बयान में कहा गया है कि मुंबई जिले में कोविड-19 से ठीक होने की दर 82 प्रतिशत है। वहीं मामलों के दोगुना होने की दर 42 दिन है।
 
दिल्ली में 4000 से ज्यादा मामले : दिल्ली में रविवार को कोरोनावायरस के 4,033 नए मामले आए, जो इस वर्ष की सर्वाधिक दैनिक वृद्धि है, जबकि संक्रमण दर बढ़कर 4.64 प्रतिशत हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने यह जानकारी दी। बीमारी के कारण 21 और मरीजों की मौत हो गई, जो 1 जनवरी के बाद से मौतों का सबसे अधिक आंकड़ा है। राष्ट्रीय राजधानी में संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 6,76,414 हो गए और मृतकों की संख्या बढ़कर 11,081 हो गई। शहर में शनिवार को 3,567 मामले और शुक्रवार को 3,594 मामले आए थे। पिछली बार शहर में कोविड-19 के 4,000 से अधिक मामले चार दिसंबर को आए थे जब 4,067 लोगों के संक्रमित होने का पता चला था।
 
दिल्ली में गुरुवार को कोरोना वायरस के 2,790 मामले और बुधवार को 1,819 मामले, मंगलवार को 992 मामले, सोमवार को 1,904 मामले और पिछले रविवार को 1,881 मामले सामने आए थे। महानगर में अब उपचाराधीन मरीजों की संख्या एक दिन पहले के 12,647 से बढ़कर 13,982 हो गई। बुलेटिन में कहा कि कुल 86,899 जांच के बाद 4,033 नए मामलों का पता चला। होम क्वारंटीन  में रखे गए लोगों की संख्या एक दिन पहले के 6,569 से बढ़कर 7,144 हो गई। कंटेनमेंट जोन की संख्या बढ़कर 2,917 हो गई।
 
पीएम मोदी ने कहा उठाने होंगे कड़े कदम : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि कोविड-19 के ताजा संक्रमण के दौर से निपटने के लिए राज्यों को कड़े और व्यापक कदम उठाने होंगे। संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए उन्होंने पांच स्तरीय रणनीति टेस्टिंग, ट्रेसिंग, ट्रीटमेंट, कोविड व्यवहार और टीकाकरण को गंभीरता और प्रतिबद्धता से लागू करने का सुझाव दिया।

एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने महामारी के सतत प्रबंधन और इस सिलसिले में सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के साथ ही जन भागीदारी और जन आंदोलन जारी रखने की जरूरत पर भी बल दिया। इस समीक्षा बैठक में एक प्रस्तुति भी दी गई, जिसके मुताबिक देश में कुल संक्रमित मामलों में 91 प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी 10 राज्यों की है और इन्हीं राज्यों में कोविड-19 से सर्वाधिक मौतें भी हुई हैं।
 
बाद में प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि देशभर में कोविड-19 और इसके खिलाफ जारी टीकाकरण अभियान की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की। इस वैश्विक महामारी से लड़ाई के प्रभावी तरीके के रूप में टेस्टिंग, ट्रेसिंग, ट्रीटमेंट, कोविड से बचाव संबंधी सावधानियों और टीकाकरण की पांच स्तरीय रणनीति के महत्व को दोहराया।
 
बैठक के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि 6 अप्रैल से 14 अप्रैल के बीच कोविड-19 महामारी के अनुरूप व्यवहार करने मसलन शत-प्रतिशत मास्क के उपयोग, व्यक्तिगत स्वचछता पर जोर देने के साथ ही कोविड बचाव संबंधी सावधानियों के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। बैठक में महाराष्ट्र, पंजाब और छत्तीसगढ़ के हालात पर चिंता जताई गई और इसके मद्देनजर प्रधानमंत्री ने इन राज्यों में जन स्वास्थ्य विशेषज्ञों तथा चिकित्सकों की केन्द्रीय टीम भेजने का निर्देश दिया।
 
बयान के मुताबिक 10 उच्च संख्या वाले राज्य और केन्द्र शासित प्रदेश देश के कुल मामलों में 91.4 प्रतिशत और कुल मौतों में 90.9 प्रतिशत का योगदान दे रहे हैं। बैठक में कैबिनेट सचिव, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। पीएमओ के मुताबिक मोदी ने निर्देश दिया कि कोविड-19 के टिकाऊ प्रबंधन के लिए समुदाय की जागरुकता और इसकी भागीदारी बहुत महत्वपूर्ण है और कोविड-19 प्रबंधन के लिए जन भागीदारी और जन आन्दोलन जारी रखने की आवश्यकता है।
 
प्रधानमंत्री ने इस समीक्षा बैठक के दौरान आने वाले दिनों में अस्पतालों में बिस्तरों की उपलब्धता, जांच की उचित व्यवस्था और समय रहते मरीजों को अस्पतालों में भर्ती कराना सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कोरोना वायरस से होने वाली मृत्यु दर में हर हालत में कमी लाने और इसके लिए आवश्यक स्वास्थ्य ढांचा बढ़ाने पर भी जोर दिया।
 
बयान के मुताबिक कोविड मामलों में हुई वृद्धि बचाव संबंधी उपायों के पालन ना करने, खासकर मास्क ना पहनने और दो गज की दूरी के नियम में कोताही के कारण हुई है। कोरोना संबंधी दिशा-निर्देशों के जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन की कमी को भी इसकी एक वजह बताया गया। बैठक में बताया गया कि टीके के उत्पादक अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दे रहे हैं। साथ ही टीकों के संवर्धन के लिए अन्य घरेलू तथा विदेशी कंपनियों के साथ भी चर्चा की जा रही है।
 
प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से सक्रिय मामलों की खोज तथा निषिद्ध क्षेत्रों के प्रबंधन में सामुदायिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी के अतिरिक्त अन्य उपायों का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने की आवश्यकता रेखांकित की। उन्होंने कहा कि प्रसार पर काबू पाने के लिए सभी राज्यों को रोग की अधिक संख्या वाले स्थानों में व्यापक प्रतिबंधों के साथ आवश्यक सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री ने अधिक मामले रिपोर्ट करने वाले राज्यों तथा जिलों में मिशन-मोड दृष्टिकोण के साथ कार्य जारी रखने का निर्देश दिया जिससे कि पिछले 15 महीनों में देश में कोविड-19 प्रबंधन का सामूहिक लाभ व्यर्थ न हो।
 
राजस्थान में बढ़ी पाबंदियां : कोरोना मामलों में बढ़ोतरी के चलते राजस्थान में प्रवेश करने वाले और राज्य से बाहर यात्रा करने वालों के लिए RT-PCR टेस्ट अनिवार्य है। जिलाधिकारी रात्रि कर्फ्यू लगा सकते हैं, रात 8 बजे से पहले और सुबह 6 बजे के बाद कर्फ्यू के लिए सरकार की अनुमति जरूरी होगी। राजस्थान सरकार ने कहा कि डिलीवरी सेवाओं को छोड़कर रेस्तरां को रात्रि कर्फ्यू का पालन करना होगा। शादियों में 100 से अधिक लोगों को अनुमति नहीं दी जाएगी। सिनेमा घर / थिएटर / मल्टीप्लेक्स बंद रहेंगे।

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