Hanuman Chalisa

मॉरिसन ने किया अपने फैसले का बचाव, कहा- यह संक्रमण को रोकेगा

Webdunia
सोमवार, 3 मई 2021 (15:23 IST)
मेलबर्न। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने भारत से अपने वतन लौटने की कोशिश करने वाले ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों पर रोक लगाने और जेल की सजा तथा जुर्माने का प्रावधान करने वाले फैसले का सोमवार को बचाव करते हुए कहा कि यह फैसला देश के 'सर्वोत्तम हित' में है और यह कोरोनावायरस की तीसरी लहर को रोकेगा।

ALSO READ: कोरोनावायरस की नकली दवा बनाने वालों पर फूटा फरहान अख्तर का गुस्सा, बोले- शर्म आनी चाहिए
 
ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने इतिहास में पहली बार, अपने उन नागरिकों के देश लौटने पर हाल में रोक लगा दी है जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया वापस आने से पहले भारत में 14 दिन बिताए हैं। सरकार ने धमकी दी है कि ऐसे लोगों पर मुकदमा चलाया जाएगा और 5 साल तक की जेल की सजा या 66,000 ऑट्रेलियाई डॉलर का जुर्माना लगाया जाएगा।

ALSO READ: दल जीते पर देश कोरोना के दलदल में जा फंसा

मॉरिसन ने कहा कि यह एक अस्थायी व्यवस्था है और बहुत मुश्किल फैसला है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि हमारे यहां ऑस्ट्रेलिया में (कोविड-19) की तीसरी लहर ना आए और हमारी पृथक-वास व्यवस्था मजबूत बनी रहे।  उन्होंने कहा कि यह देश के 'सर्वोत्तम हित' में है।  प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें भारतीय समुदाय के लिए खराब महसूस होता है।
 
मॉरिसन ने कहा कि हमने हमारे होवर्ड स्प्रींग्स केंद्र में भारत से वापस आने वालों में संक्रमण दर में 7 गुना का इजाफा देखा है।  उन्होंने कहा कि यह अहम है कि हम सुनिश्चित करें कि हमारे यहां अस्थायी रोक हो ताकि उन पृथक केंद्रों में व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा सके और जांच की व्यवस्था को भी मजबूत किया जा सके और यह न सिर्फ भारत से रवाना होते हुए हो, बल्कि तीसरे देश से आने वाले लोगों के लिए भी हो।

 
प्रधानमंत्री ने 2 जीबी रेडियो चैनल से कहा कि वे विशेष उड़ानों के जरिए पंजीकृत कराए गए करीब 20,000 लोगों को वापस देश लेकर आए हैं। विपक्ष के नेता एंथोनी अल्बानी ने ऑस्ट्रेलिया के लोगों को भारत में छोड़ने और वापस आने पर जुर्माने तथा जेल की सजा देने के लिए प्रधानमंत्री की आलोचना की है। (भाषा)

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

PM मोदी आतंकवादी हैं, मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर मचा बवाल, सफाई में क्या बोले

बंगाल: ‘नर्क-ए-नआमत’ से राजनीतिक हिंसा के चक्रव्यूह तक, भाजपा, सीपीआई से लेकर कांग्रेस की निगाहें बंगाल पर क्यों हैं?

नेपाल जाने वाले सावधान! बालेन्द्र शाह सरकार ने बॉर्डर पर बढ़ाई सख्ती; बिना बिल सामान ले जाना पड़ेगा भारी

पहलगाम हमले को 1 साल, सुशील नथानिएल के परिवार को न मुआवजा मिला और न ही नौकरी, बेटा लगा रहा गुहार

13 महीने बाद कोर्ट में आमने-सामने आए मुस्कान-साहिल, फांसी की मांग तेज

सभी देखें

नवीनतम

सूडान युद्ध : घर लौटने वाले हताश नागरिकों के लिए चुनौतियों का नया अंबार

बेडरूम वाले बयान पर नहीं थमा बवाल, फिर बोले पप्पू यादव- 70 से 80 प्रतिशत राजनेता देखते हैं पोर्न

ममता बनर्जी को SC की कड़ी फटकार, SIR को लेकर दी यह नसीहत, कोर्ट ने क्‍यों कहा लोकतंत्र खतरे में डाला?

मध्यप्रदेश में किसानों को भूअर्जन पर मिलेगा बाजार दर का 4 गुना मुआवजा, मरीजों के परिजनों के लिए बनेंगे शेल्टर होम

गुजरात चुनाव आयोग का बड़ा आदेश, सोशल मीडिया कैंपेन पर होने वाले खर्च का हिसाब देना हुआ अनिवार्य

अगला लेख