Biodata Maker

बड़ी खबर, अमेरिका ने कोरोनावायरस के ‘डेल्टा स्वरूप’ को ‘चिंताजनक’ श्रेणी में डाला

Webdunia
गुरुवार, 17 जून 2021 (11:24 IST)
वाशिंगटन। अमेरिका के रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (CDC) ने भारत में सबसे पहले पाए गए कोरोना वायरस के बेहद संक्रामक डेल्टा स्वरूप को ‘‘चिंताजनक’’ बताया है।

सीडीसी ने एक वक्तव्य में कहा, ‘अमेरिका में पाए जा रहे वायरस के स्वरूप बी.1.1.7 (अल्फा), बी.1.351 (बीटा), पी.1 (गामा), बी.1.427 (एप्सिलन), बी.1.429 (एप्सिलन) और बी.1.617.2 (डेल्टा) चिंता का विषय हैं। अमेरिका में अब तक ऐसा कोई स्वरूप नहीं है जिसका प्रभाव बहुत अधिक हो। डेल्टा स्वरूप में प्रसार क्षमता अधिक है।‘

क्या है वायरस का चिंताजनक स्वरूप : वायरस के किसी भी स्वरूप को चिंताजनक तब बताया जाता है जब वैज्ञानिक मानते हैं कि वह अधिक संक्रामक है तथा गंभीर रूप से बीमार कर सकता है। चिंताजनक स्वरूप की पहचान करने वाली जांच, उपचार और टीके भी इसके खिलाफ कम प्रभावी हो सकते हैं। इससे पहले सीडीसी ने डेल्टा स्वरूप के बारे में कहा था कि इस स्वरूप के बारे में और अनुसंधान की जरूरत है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 10 मई को डेल्टा को चिंताजनक स्वरूप बताया था।

अमेरिका में डेल्टा स्वरूप के 10.3 प्रतिशत मामले : सीडीसी के अनुमान के मुताबिक, पांच जून तक अमेरिका में संक्रमण के मामलों में से 9.9 फीसदी के पीछे वजह डेल्टा स्वरूप था। वायरस के स्वरूपों पर नजर रखने वाली वेबसाइट ‘आउटब्रेक डॉट इन्फो’ के अनुसार, 13 जून तक डेल्टा स्वरूप के मामले 10.3 फीसदी हो गए। सीएनएन की एक रिपोर्ट में आगाह किया गया है कि महीने भर के भीतर अमेरिका में डेल्टा स्वरूप सबसे प्रभावशाली स्वरूप बन सकता है।

डॉ फाउची ने भी दी थी चेतावनी : पिछले हफ्ते अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और उनके मुख्य सलाहकार डॉ. एंथनी फाउची ने आगाह किया था कि नोवेल कोरोना वायरस का डेल्टा स्वरूप बहुत अधिक संक्रामक है, यह ब्रिटेन में 12 से 20 वर्ष के लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है तथा वहां सबसे हावी स्वरूप साबित हो रहा है।

अमेरिका में बीते कुछ महीनों से कोरोना वायरस के मामलों में कमी आ रही है लेकिन टीकाकरण की धीमी गति के मद्देनजर चिंता जताई जा रही है कि डेल्टा स्वरूप यहां फिर से कहर बरपा सकता है। (भाषा)

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

कौन हैं तेजस्वी घोसालकर, मुंबई की संभावित मेयर जिन्होंने 2024 में पति अभिषेक की हत्या की त्रासदी झेली

Karnataka : क्या लक्कुंडी गांव में मिलेगा सोने का भंडार? 400 साल पुराने खजाने के रहस्य ने उड़ाए होश, खुदाई के लिए पहुंचा JCB और ट्रैक्टरों का काफिला

Lashkar E Taiba के कमांडर का कबूलनामा, हम वहां बैठ भी नहीं सकते, Pakistan को दर्द दे रहे Operation Sindoor से मिले घाव

bmc election results : महाराष्ट्र के BMC चुनाव में राज ठाकरे की हार, क्या उद्धव आगे देंगे भाई का साथ

महाराष्ट्र की सियासत में ठाकरे ब्रांड का सूर्यास्त!, निकाय चुनाव में 40 साल बाद ढहा BMC का किला, उद्धव-राज ठाकरे की जोड़ी बेअसर

सभी देखें

नवीनतम

Chabahar port : चाबहार पोर्ट पर अमेरिकी प्रतिबंधों की काली छाया, जानिए क्या कूटनीति अपनाएगा भारत

Ladli Behna Yojana : 1.25 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के खातों में CM यादव ने ट्रांसफर किए 1500 रुपए, 206 करोड़ से अधिक के कार्यों का लोकार्पण

BMC Election Results : BMC चुनाव में जीत पर PM मोदी का पोस्‍ट- थैंक्यू महाराष्ट्र, विकास का विजन लोगों को पसंद आया

Silver price : 6ठे दिन के चांदी के भावों में तेजी, 3600 रुपए उछलकर दाम 2,92,600 रुपए प्रति किलोग्राम

बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर की दिशा में बड़ा कदम, निर्माण के लिए हुई पहली रजिस्ट्री

अगला लेख