Publish Date: Mon, 15 Jul 2019 (22:20 IST)
Updated Date: Mon, 15 Jul 2019 (22:27 IST)
लंदन/मेलबर्न। पूर्व अंतरराष्ट्रीय अंपायर साइमन टफेल और के हरिहरन ने सोमवार को कहा कि विश्व कप फाइनल के अंपायरों ने इंग्लैंड को 'ओवरथ्रो' के लिए 5 के बजाय 6 रन देकर गलत फैसला किया लेकिन इस पर आईसीसी ने टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।
भाग्य इंग्लैंड के साथ था जिसे आखिरी ओवर में ओवरथ्रो से 6 रन मिले। मार्टिन गुप्टिल का थ्रो बेन स्टोक्स के बल्ले से लगकर सीमा रेखा पार चला गया था। इंग्लैंड ने मैच टाई कराया और फिर सुपर ओवर भी टाई छूटा जिसके बाद 'बाउंड्री' गिनती की गई और इंग्लैंड चैंपियन बन गया।
श्रीलंका के कुमार धर्मसेना और दक्षिण अफ्रीका के मारियास इरासमुस मैदानी अंपायर थे। आईसीसी के 5 बार के वर्ष के सर्वश्रेष्ठ अंपायर चुने गए टफेल ने कहा कि यह साफ गलती थी। यह बहुत खराब फैसला था। उन्हें (इंग्लैंड) 5 रन दिए जाने चाहिए थे 6 रन नहीं।
पूर्व भारतीय अंपायर के हरिहरन ने टफेल की हां में हां मिलाते हुए कहा कि कुमार धर्मसेना ने न्यूजीलैंड के विश्व कप के सपने को तोड़ दिया। यह 6 नहीं 5 रन होने चाहिए थे।
आईसीसी ने इस पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। उसके प्रवक्ता ने केवल इतना कहा कि अंपायर नियमों को ध्यान में रखकर मैदान पर फैसले करते हैं और नीतिगत मामलों में हम किसी तरह की टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व अंपायर टफेल अब एमसीसी की नियम बनाने वाली उप समिति का हिस्सा हैं।
यह घटना मैच के अंतिम ओवर में हुई। टीवी रीप्ले से साफ लग रहा था कि आदिल राशिद और स्टोक्स ने तब दूसरा रन पूरा नहीं किया था, जब गुप्टिल ने थ्रो किया था। लेकिन मैदानी अंपायर कुमार धर्मसेना और मारियास इरासमुस ने इंग्लैंड के खाते में 6 रन जोड़ दिए। 4 रन बाउंड्री के तथा 2 रन जो बल्लेबाजों ने दौड़कर लिए थे वे। (भाषा)