rashifal-2026

इस दिवाली धनतेरस पर बन रहा है लक्ष्मी नारायण राजयोग, जानिए धनतेरस पर क्या है इसका महत्व

WD Feature Desk
सोमवार, 21 अक्टूबर 2024 (13:02 IST)
Lakshmi Narayan Bhagwan

Lakshminarayan Rajyog

Lakshminarayan Rajyog On Dhanteras: धनतेरस हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण पर्व है, और इस दिन लक्ष्मी नारायण राजयोग का विशेष महत्व होता है। यह राजयोग जीवन में धन, समृद्धि और सुख-शांति लाने वाला माना जाता है। इस लेख में हम जानेंगे कि लक्ष्मी नारायण राजयोग क्या है, इसका महत्त्व, और धनतेरस पर इसका प्रभाव कैसे पड़ता है।

लक्ष्मी नारायण राजयोग क्या होता है?
लक्ष्मी नारायण राजयोग ज्योतिष के अनुसार एक अत्यंत शुभ योग है, जो जीवन में धन-संपत्ति, ऐश्वर्य और सफलता लाने के लिए जाना जाता है। यह योग तब बनता है जब कुंडली में शुक्र और बृहस्पति की स्थिति विशेष रूप से अनुकूल होती है। शुक्र को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है, जो धन और समृद्धि की देवी हैं, वहीं बृहस्पति भगवान विष्णु या नारायण का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो जीवन में शांति और संतुलन प्रदान करते हैं।

इस योग के बनने से जातक के जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। आर्थिक उन्नति, सामाजिक प्रतिष्ठा और पारिवारिक सुख-शांति प्राप्त होती है।
ALSO READ: धनतेरस पर क्यों खरीदना चाहिए धनिया, जानें इसका महत्व
 
धनतेरस पर लक्ष्मी नारायण राजयोग का महत्त्व
धनतेरस पर लक्ष्मी नारायण राजयोग का विशेष महत्त्व है। यह दिन देवी लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि की पूजा के लिए समर्पित होता है। धनतेरस के दिन लोग सोना, चांदी, गहने और बर्तन खरीदते हैं, ताकि उनके जीवन में आर्थिक समृद्धि आए। जब इस दिन लक्ष्मी नारायण राजयोग भी बनता है, तो इसका प्रभाव और भी अधिक शुभ होता है।

इस योग के प्रभाव से इस दिन की गई खरीदारी और पूजा से जीवन में सुख-शांति, आर्थिक स्थिरता और सफलता आती है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, धनतेरस पर इस योग के बनने से किए गए कार्य विशेष रूप से लाभदायक होते हैं।

लक्ष्मी नारायण राजयोग के लाभ
लक्ष्मी नारायण राजयोग के कई लाभ होते हैं, जिनमें मुख्य रूप से आर्थिक और पारिवारिक समृद्धि शामिल है। इस योग के शुभ प्रभाव से जीवन में निम्नलिखित लाभ मिल सकते हैं:

आर्थिक उन्नति: व्यापार और नौकरी में तरक्की।
लक्ष्मी नारायण राजयोग का ज्योतिषीय प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र में लक्ष्मी नारायण राजयोग को अत्यंत शुभ और महत्वपूर्ण माना जाता है। कुंडली में शुक्र और बृहस्पति की सही स्थिति के कारण यह योग बनता है। यह योग जातक के जीवन में स्थायी समृद्धि और संतुलन लाता है। यह योग धनतेरस जैसे शुभ मौकों पर और भी शक्तिशाली हो जाता है, जिससे जीवन में शुभ फल प्राप्त होते हैं।

लक्ष्मी नारायण राजयोग का धार्मिक महत्त्व
धार्मिक दृष्टिकोण से, लक्ष्मी नारायण राजयोग यह दर्शाता है कि जब देवी लक्ष्मी (धन और संपत्ति) और भगवान नारायण (संरक्षक) का संयुक्त आशीर्वाद मिलता है, तो जीवन में हर प्रकार की खुशहाली आती है। धनतेरस के दिन इस योग का विशेष महत्त्व होता है, क्योंकि इस दिन देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है।

लक्ष्मी नारायण राजयोग जीवन में धन, समृद्धि और शांति लाने वाला शुभ योग है। धनतेरस पर इसका विशेष महत्त्व है, क्योंकि इस दिन की गई पूजा और खरीदारी से आर्थिक उन्नति और सुख-शांति मिलती है। यदि आपकी कुंडली में यह योग बनता है, तो इसे धनतेरस के दिन और भी महत्वपूर्ण मानना चाहिए। इस योग के प्रभाव से आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer) : सेहत, ब्यूटी केयर, आयुर्वेद, योग, धर्म, ज्योतिष, वास्तु, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार जनरुचि को ध्यान में रखते हुए सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं। इससे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।


सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

मकर संक्रांति पर बन रहे हैं शुभ योग, 3 राशियों को मिलेगा आशीर्वाद

Magh Maas: माघ माह का महत्व और पौराणिक कथा

न्याय का प्रतीक घंटा: क्यों बजाते हैं घंटी और क्या महत्व है इसका?

Year 2026 predictions: रौद्र संवत्सर में होगा महासंग्राम, अपनी अपनी जगह कर लें सुरक्षित

भविष्य मालिका की भविष्‍यवाणी 2026, 7 दिन और रात का गहरा अंधेरा

सभी देखें

धर्म संसार

10 January Birthday: आपको 10 जनवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 10 जनवरी 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

शाकंभरी माता की आरती हिंदी– अर्थ, लाभ और पाठ विधि | Shakambari mata ki aarti

Shattila Ekadashi Katha 2026: षटतिला एकादशी की कथा

मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने का तरीका, डोर और कचरी के साथ जानें पतंग के प्रकार

अगला लेख