Hanuman Chalisa

धनतेरस : भगवान धन्वंतरि के यह मंत्र पढ़ें, ऐश्वर्य और वैभव का वरदान पाएं

Webdunia
धन्वंतरि को हिन्दू धर्म में देवताओं के वैद्य माना जाता है। धन्वंतरि चिकित्सक माने जाते हैं। उन्हें देव पद प्राप्त हुआ है। हिन्दू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार धन्वंतरि भगवान विष्णु के अवतार समझे जाते हैं। उनका पृथ्वी लोक में अवतरण समुद्र मंथन के दौरान हुआ था। 

समुद्र मंथन में शरद पूर्णिमा को चंद्रमा, कार्तिक द्वादशी को कामधेनु गाय, त्रयोदशी को धन्वंतरि, चतुर्दशी को काली माता और अमावस्या को भगवती लक्ष्मी जी का सागर से अवतरण हुआ था। इसीलिए दीपावली के दो दिन पूर्व धनतेरस को भगवान धन्वंतरि का जन्म धनतेरस के रूप में मनाया जाता है। ऐश्वर्य और वैभव का वरदान चाहते हैं तो इस दिन यह मंत्र पढ़ना बिलकुल ना भूलें...  
 
* भगवान धन्वंतरि का मंत्र
 
भगवान धन्वंतरि की आराधना का अत्यंत सरल मंत्र है:
 
            ॐ धन्वंतराये नमः॥
 
पारंपरिक पौराणिक मंत्र इस प्रकार है- 
 
ॐ नमो भगवते महासुदर्शनाय वासुदेवाय धन्वंतराये:
अमृतकलश हस्ताय सर्वभय विनाशाय सर्वरोगनिवारणाय
त्रिलोकपथाय त्रिलोकनाथाय श्री महाविष्णुस्वरूप
श्री धन्वंतरी स्वरूप श्री श्री श्री औषधचक्र नारायणाय नमः॥
 
अर्थात्  परम भगवन को, जिन्हें सुदर्शन वासुदेव धन्वंतरि कहते हैं, जो अमृत कलश लिए हैं, सर्वभयनाशक हैं, सर्वरोग का नाश करते हैं, तीनों लोकों के स्वामी हैं और उनका निर्वाह करने वाले हैं, उन विष्णु स्वरूप धन्वंतरि को नमन है।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

वैशाख महीना किन देवताओं की पूजा के लिए है सबसे शुभ? जानें इसका धार्मिक महत्व

ऑपरेशन सिंदूर 2.0: क्या फिर से होने वाला है भारत और पाकिस्तान का युद्ध, क्या कहता है ज्योतिष

महायुद्ध के संकेत! क्या बदलने वाला है कुछ देशों का भूगोल? ज्योतिष की चौंकाने वाली भविष्यवाणी

अक्षय तृतीया पर क्यों होता है अबूझ मुहूर्त? जानिए इसका रहस्य

बैसाखी कब है, क्या है इसका महत्व, जानिए खास 5 बातें

सभी देखें

धर्म संसार

वरुथिनी एकादशी की पौराणिक कथा: Varuthini Ekadashi Vrat Katha

Varuthini Ekadashi 2026: वरूथिनी एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (13 अप्रैल, 2026)

13 April Birthday: आपको 13 अप्रैल, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 13 अप्रैल 2026: सोमवार का पंचांग और शुभ समय

अगला लेख