Festival Posters

Tripurari purnima: देव दिवाली को क्यों कहते हैं त्रिपुरारी पूर्णिमा?

WD Feature Desk
बुधवार, 5 नवंबर 2025 (08:16 IST)
When is Dev Deepawali 2025: कार्तिक पूर्णिमा तिथि 4 नवंबर 2025 की रात 10 बजकर 36 मिनट पर प्रारंभ होगी और यह 5 नवंबर 2025, शाम 06 बजकर 48 मिनट पर समाप्त होगी। इस दिन पूजा और दीपदान का मुहूर्त प्रदोष काल मुहूर्त शाम 05 बजकर 15 मिनट से शाम 07 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। इस दिन को देव दिवाली के अलावा त्रिपुरारी पूर्णिमा भी कहते हैं। 
 
त्रिपुरासुर पर विजय: पौराणिक कथा के अनुसार, इसी दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नामक शक्तिशाली राक्षस का वध किया था। त्रिपुरासुर के वध से सभी देवी-देवता अत्यंत प्रसन्न हुए और उन्होंने काशी (वाराणसी) में आकर दीप प्रज्जवलित कर यह उत्सव मनाया। इसलिए इसे त्रिपुरारी पूर्णिमा भी कहा जाता है।
 
देवताओं का पृथ्वी पर आगमन: ऐसी मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन सभी देवता स्वर्ग से उतरकर पृथ्वी पर आते हैं और गंगा के पवित्र घाटों पर स्नान करते हैं। यह दिन मनुष्यों और देवताओं के बीच खुशियों के साझा उत्सव का प्रतीक है।
 
दीपदान का अक्षय पुण्य: इस दिन किए गए दीपदान (दीपक जलाने) का पुण्य कभी समाप्त नहीं होता और माना जाता है कि इससे जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

गुप्त नवरात्रि की खास साधना और पूजा विधि, जानें जरूरी नियम और सावधानियां

मकर राशि में बना बुधादित्य और लक्ष्मी योग, इन 3 राशियों पर बरसेगा अचानक धन

Gupt Navratri: गुप्त नवरात्रि की दस महाविद्याएं और उनका महत्व

Gupt Navratri: गुप्त नवरात्रि में मां कालिका की यह साधना क्यों मानी जाती है खास? जानिए रहस्य

Rath Saptami 2026: रथ सप्तमी का अर्थ, आरती, पूजा विधि, चालीसा और लाभ

सभी देखें

धर्म संसार

Panchak January 2026: सावधान! इस दिन से शुरू हो रहा है जनवरी का पंचक, भूलकर भी न करें ये 5 शुभ काम

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (21 जनवरी, 2026)

21 January Birthday: आपको 21 जनवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 21 जनवरी 2026: बुधवार का पंचांग और शुभ समय

Vastu Remedies: वास्तु दोष निवारण के सबसे असरदार 5 उपाय

अगला लेख