भगवान धन्वंतरि पूजन मुहूर्त

पं. अशोक पँवार 'मयंक'
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आयुर्वेद व चिकित्सा जगत का गुरु भगवान धन्वं‍तरि को माना गया है। चिकित्सकगण आज के दिन चिकित्सा जगत के सृजनकर्ता की पूजा-अर्चना करते हैं। व्यापारीगण भी इसी दिन गादी बिछाना व चौपड़ा लाने हेतु भी मुहूर्त में जाते हैं। 26 अक्टूबर को धन त्रयोदशी रात्रि 2.41 से शुरू होगी।

इस समय सिंह स्थिर लग्न है। चौपड़ा लाने हेतु शुभ मुहूर्त अमृत के चौघडि़या में 10.45 से 12.11 तक फिर शुभ में दोपहर 1.36 से 2.01 तक रहेगा। इसमें गुरु की होरा 11.14 से 12.11 तक फिर शुक्र की होरा 14.05 से 15.01 तक रहेगी।

व्यापारी वर्ग शुक्र की होरा शुभ चौघडि़या में चौपड़ा लाएँ तो अति‍उत्तम होगा। विद्यार्थी वर्ग को महत्वपूर्ण किताबें खरीदना हो तो उनके लिए अमृत चौघडि़या में गुरु की होरा 11.14 से 12.11 तक उत्तम है।

भगवान धन्वंतरि की पूजा और गादी बिछाने हेतु शुभ समय शाम 5.52 से 7.27 तक फिर अमृत 7.27 से रात्रि 9.02 तक रहेगा। इसमें गुरु की होरा 5.52 से 6.55 तक फिर मंगल की होरा 6.55 से 7.58 तक रहेगी।

अत: व्यापारी व चिकित्सक अपनी-अपनी सुविधानुसार गादी बिछाना और भगवान धन्वंतरि पूजन कर सकते हैं। यह समय इंदौर अक्षांस-रेखांश से है। अन्य शहर के व्यापारी मुहूर्त शुरू होने के समय में 5 मिनट आगे जोड़ें।

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