Hanuman Chalisa

हिन्दी कविता : जलते रावण की नसीहत

सुशील कुमार शर्मा
मैं रावण हूं!


 
सर्वकालिक महान विद्वान
प्रकांड पंडित भविष्यवेत्ता
महान वैज्ञानिक
तीनों लोकों में मेरे जैसा वीर कोई नहीं था। 
 
मेरा व्यक्तित्व न भूतो न भविष्यति है
रावण जैसा न कोई हुआ
रावण जैसा न कोई होगा।
 
एक लाख पूत सवा लाख नाती
से भरे परिवार का मुखिया था मैं
सोने की लंका का अधीश्वर
सहस्र विद्याओं का ज्ञाता।
 
साक्षात शिव जिसके घर विराजते थे
मंदोदरी जैसी सती का पति
मेघनाथ जैसे बलवीर्य पराक्रमी का पिता था मैं
कुंभकर्ण जैसे अपरिमित शक्तिशाली का अग्रज था
राजनीति की परिभाषा मुझसे ही शुरू होती थी
राम का शौर्य और साहस मेरे सामने नगण्य था।
 
आज मुझे चौराहों पर अपमानित करके इसलिए जलाया जाता है,
क्योंकि मैंने मर्यादाओं का उल्लंघन किया था
मदमस्त होकर स्त्री-चरित्र की हत्या करनी चाही
जगत-जननी सीता को अपमानित किया
अपने अहंकार में दूसरे की स्त्री का हरण किया। 
 
आज मैं मनुष्य के अंतरमन में विहित दुर्गुणों का प्रतीक बन गया
सिर्फ चरित्रहीनता के कारण संपूर्ण कुल के विनाश का कारण बना
मेरे विनाश की गाथा से आपको सबक लेना चाहिए कि 
आप भले ही कितने शक्तिशाली क्यों न हो
अगर आप चरित्र और सत्य पर आधारित नहीं हैं
तो आपको चौराहों पर ऐसे ही जलील होना होगा
 
मेरे जलते हुए पुतलों की तरह...!
Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

सूर्य का मकर राशि में गोचर, 12 राशियों का राशिफल, किसे होगा लाभ और किसे नुकसान

2026 में इन 4 राशियों का होगा पूरी तरह कायाकल्प, क्या आप तैयार हैं?

शाकंभरी माता की आरती हिंदी– अर्थ, लाभ और पाठ विधि | Shakambari mata ki aarti

Basant Panchami 2026: वर्ष 2026 में बसंत पंचमी का त्योहार कब मनाए जाएगा

क्या सच में फिर से होने वाला है ऑपरेशन सिंदूर प्रारंभ, क्या कहती है भविष्यवाणी

सभी देखें

धर्म संसार

शनिवार को भूलकर भी न करें ये 5 काम, 12 अचूक उपाय आजमाएंगे तो खुल जाएगी किस्मत: shaniwar ke upay

17 January Birthday: आपको 17 जनवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 17 जनवरी 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

बसंत पंचमी पर बन रहे हैं दुर्लभ योग संयोग, शुभ कार्यों के लिए है अबूझ मुहूर्त

बिजनौर: हनुमान मूर्ति के चारों ओर 4 दिन से घूम रहा कुत्ता, आस्था या कोई संकेत? Video

अगला लेख