Dharma Sangrah

विजयदशमी : दशहरे के दिन भूलकर भी न करें ये 5 काम

Webdunia
विजयदशमी का त्योहार या दशहरे का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है...  इस दिन भूलकर भी व्यक्ति को कुछ काम नहीं करने चाहिए। आइए जानते हैं क्या हैं वे चीजें... 
 
किसी का भी बुरा करने से बचें
 
विजयदशमी के दिन किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने के बारे में सोचना भी नहीं चाहिए। यह दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इसलिए इस दिन कोई भी गलत काम करने से बचना चाहिए। 
 
पेड़ काटने से बचें
 
हमारे अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए पेड़- पौधे बेहद अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में दशहरे के दिन पेड़ काटना शुभ नहीं माना जाता। माना जाता है कि इस दिन पेड़ काटने से व्यक्ति का स्वास्थ्य खराब होता है।
 
जीव-जंतु को नुकसान न पहुंचाएं
 
दशहरा के दिन अपने शौक के लिए किसी भी जीव-जंतु की हत्या न करें। माना जाता है कि ऐसा करने से आपका सौभाग्य दुर्भाग्य में बदल जाता है। 
 
किसी स्त्री, बुजुर्ग का अपमान 
 
दशहरा के दिन भूलकर भी किसी स्त्री या बड़े-बुजुर्ग का अपमान नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से मां लक्ष्मी आपसे रुष्ट हो सकती हैं।
 
शराब का सेवन
 
दशहरा के दिन मांस, मदिरा का सेवन करने से बचना चाहिए। 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

Next PM after Modi:नरेंद्र मोदी के बाद पीएम कुर्सी की जंग अब सिर्फ 2 लोगों के बीच

Phalgun Festivals List 2026 : हिंदू कैलेंडर का अंतिम माह, फाल्गुन मास, जानिए इसका महत्व और व्रत त्योहारों की लिस्ट

साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण कब रहेगा, भारत में सूतककाल का समय क्या है?

मकर राशि में त्रिग्रही योग से बने रुचक और आदित्य मंगल योग, 4 राशियों की किस्मत चमकाएंगे

February 2026 Festivals: फरवरी माह के प्रमुख व्रत एवं त्योहार

सभी देखें

धर्म संसार

Weekly Rashifal 2026: इस सप्ताह क्या कहता है 12 राशियों का भाग्य, पढ़ें (साप्ताहिक राशिफल 09 से 15 फरवरी तक)

Mahashivratri upay: महाशिवरात्रि पर इस बार बन रहे हैं दुर्लभ योग, रात को इस समय जलाएं दीपक

Saptahik Ank Rashifal: साप्ताहिक अंक राशिफल 9 से 15 फरवरी, जानें इस सप्ताह आपके लिए क्या लाएगा आपका मूलांक

वरुण का दुर्लभ गोचर: 168 साल बाद मीन राशि में, 6 राशियों पर पड़ेगा गहरा असर

Bhanu Saptami 2026: क्यों मनाई जाती है भानु सप्तमी, जानें महत्व, पूजा विधि और व्रत के लाभ

अगला लेख