Dharma Sangrah

Dussehra: दशहरा और विजयादशमी में क्या अंतर है?

Vijayadashami: विजयादशमी और दशहरे के त्योहार में क्या है फर्क, जानिए

WD Feature Desk
शनिवार, 5 अक्टूबर 2024 (12:16 IST)
Dussehra and Vijayadashami 2024: आश्विन माह में दशहरा या विजयादशमी का उत्सव बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। विजयादशमी का पर्व श्री राम द्वारा रावण के वध के पूर्व से ही मनाया जा रहा है। विजयादशमी के दिन ही रावण दहन होता है। शारदीय नवरात्रि की समाप्ति के बाद इसी दिन दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन भी होता है और विजयोत्सव मनाया जाता है।ALSO READ: Shardiya navratri 2024 date: शारदीय नवरात्रि में क्या नवमी और दशहरा एक ही दिन पड़ेगा?
 
1. अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी के दिन माता दुर्गा के रूप कात्यायिनी ने महिषासुर का वध किया था। इसी की याद में विजयादशमी का उत्सव यानी विजयादशमी का पर्व मनाया जाता है जबकि इसी दिन जब प्रभु श्रीराम ने इसी दिन दशानन रावण का वध कर दिया तो इस दिन को दशहरा भी कहा जाने लगा।
 
2.  कहते हैं कि माता ने रंभासुर के पुत्र महिषासुर से 9 दिन तक युद्ध करने के बाद 10वें दिन उसका वध कर दिया था इसलिए विजयादशमी का उत्सव मनाया जाता है। महिषासुर एक असुर अर्थात दैत्य था वह राक्षस नहीं था। जबकि प्रभु श्री राम और रावण का युद्ध कई दिनों तक चला अंत में श्रीराम ने दशमी के दिन रावण का वध कर दिया था। रावण एक राक्षस था वह असुर नहीं था।
3. यह भी कहा जाता है कि इसी दिन अर्जुन ने कौरव सेना के लाखों सैनिकों को मारकर कौरवों को पराजित कर दिया था। यह धर्म की अधर्म पर जीत थी।
 
4. विजयादशमी पर देवी अपराजिता और शस्त्र की पूजा का खासा महत्व रहता है। यह पूजा दिन में विजय मुहूर्त में करते हैं। जबकि दशहरा के लिए रात में रावण दहन और शमी पूजा का खास महत्व है। श्रीराम ने भी रावण को मारने के पहले देवी पूजा की थी। वाल्मीकि रामायण के अनुसार भगवान राम ने युद्ध में विजयी होने के लिए ऋष्यमूक पर्वत पर आश्‍विन प्रतिपदा से नवमी तक आदिशक्ति मां दुर्गा की उपासना की थी। इसी के साथ उन्होंदे देवी अपराजिता की पूजा भी की थी। इसके बाद भगवान श्रीराम इसी दिन किष्किंधा से लंका के लिए रवाना हुए थे।
 
5. विजयादशमी की कथा दुर्गा और महिषासुर के युद्ध और असुर के वध से जुड़ी है जबकि दशहरा की कथा राम रावण युद्ध और राक्षसराज रावण के वध से जुड़ी है। इस दिन दोनों की ही कथा का श्रवण किया जाता है। यह दोनों ही पर्व अच्छाई की बुराई पर जीत का पर्व है।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

होलाष्टक के 8 दिनों में किस दिन क्या करें और क्या नहीं?

Holika Dahan 2026: कर्ज से हैं परेशान, होली की रात्रि है समाधान, पढ़ें 2 चमत्कारिक उपाय

शनि ग्रह का उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में गोचर, 12 राशियों का राशिफल

होलिका दहन और होली का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व, जानें 4 काम की बातें

भारत में खाटू श्याम बाबा के 10 बड़े मंदिर, क्या आप जानते हैं 3 मूल मंदिर कहां है?

सभी देखें

धर्म संसार

नास्तिकता बस एक मिथ्या भाव है

होलिका दहन के दिन महालक्ष्मी जयंती, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व

आमलकी एकादशी व्रत: इस विधि से करने पर मिलता है पुण्य फल, जानें तिथि और कथा

कुंभ राशि में अंगारक योग: इन 4 राशियों पर बरसेगा धन और सफलता का वरदान

बुध कुंभ राशि में वक्री: इन राशियों की बदलेगी किस्मत, जानें 12 राशियों पर असर

अगला लेख