Hanuman Chalisa

अचला एकादशी व्रत का माहात्म्य जानिए...

Webdunia
युधिष्ठिर कहने लगे कि हे भगवन्! ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी का क्या नाम है तथा उसका माहात्म्य क्या है, सो कृपा कर कहिए?
 
भगवान श्रीकृष्ण कहने लगे कि हे राजन! यह एकादशी ‘अचला’ तथा 'अपरा' दो नामों से जानी जाती है। पुराणों के अनुसार ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की एकादशी अपरा एकादशी है, क्योंकि यह अपार धन देने वाली है। जो मनुष्य इस व्रत को करते हैं, वे संसार में प्रसिद्ध हो जाते हैं।
 
इस दिन भगवान त्रिविक्रम की पूजा की जाती है। अपरा एकादशी के व्रत के प्रभाव से ब्रह्म हत्या, भू‍त योनि, दूसरे की निंदा आदि के सब पाप दूर हो जाते हैं। इस व्रत के करने से परस्त्रीगमन, झूठी गवाही देना, झूठ बोलना, झूठे शास्त्र पढ़ना या बनाना, झूठा ज्योतिषी बनना तथा झूठा वैद्य बनना आदि सब पाप नष्ट हो जाते हैं।
 
जो क्षत्रिय युद्ध से भाग जाए वे नरकगामी होते हैं, परंतु अपरा एकादशी का व्रत करने से वे भी स्वर्ग को प्राप्त होते हैं। जो शिष्य गुरु से शिक्षा ग्रहण करते हैं फिर उनकी निंदा करते हैं, वे अवश्य नरक में पड़ते हैं मगर अपरा एकादशी का व्रत करने से वे भी इस पाप से मुक्त हो जाते हैं।

ALSO READ: एकादशी और प्रदोष व्रत का चमत्कारिक लाभ, जानिए...
 
जो फल तीनों पुष्करों में कार्तिक पूर्णिमा को स्नान करने या गंगा तट पर पितरों को पिंडदान करने से प्राप्त होता है, वही अपरा एकादशी का व्रत करने से प्राप्त होता है। मकर के सूर्य में प्रयागराज के स्नान से, शिवरात्रि का व्रत करने से, सिंह राशि के बृहस्पति में गोमती नदी के स्नान से, कुंभ में केदारनाथ के दर्शन या बद्रीनाथ के दर्शन, सूर्यग्रहण में कुरुक्षेत्र के स्नान से, स्वर्णदान करने से अथवा अर्द्ध प्रसूता गौदान से जो फल मिलता है, वही फल अपरा एकादशी के व्रत से मिलता है।
 
यह व्रत पापरूपी वृक्ष को काटने के लिए कुल्हाड़ी है। पापरूपी ईंधन को जलाने के लिए अग्नि, पापरूपी अंधकार को मिटाने के लिए सूर्य के समान, मृगों को मारने के लिए सिंह के समान है।

ALSO READ: अचला एकादशी : पढ़ें व्रत कथा, विधि एवं आरती...
 
अत: मनुष्य को पापों से डरते हुए इस व्रत को अवश्य करना चाहिए। अपरा एकादशी का व्रत तथा भगवान का पूजन करने से मनुष्य सब पापों से छूटकर विष्णुलोक को जाता है। 

 
 
Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

शनि-केतु का बड़ा खेल: 25 नवंबर तक इन 5 राशियों पर मेहरबान रहेंगे कर्मफल दाता, बदल जाएगी तकदीर

Surya Gochar 2026: रोहिणी नक्षत्र में आ रहे हैं सूर्य देव, इन 6 राशि वालों के शुरू होंगे अच्छे दिन

नौतपा के साथ एल नीनो का डबल असर, इस बार पड़ेगी भीषण गर्मी और चलेगी खतरनाक लू

राहु का कुंभ में डेरा: 31 अक्टूबर तक इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, आएगा बंपर उछाल

सूर्य और बुध की वृषभ राशि में युति, बुधादित्य योग से 6 राशियों को होगा फायदा

सभी देखें

धर्म संसार

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (28 मई, 2026)

28 May Birthday: आपको 28 मई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 28 मई 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

ट्रंप का Abraham Accord आखिर क्या है? पाकिस्तान में क्यों मचा सियासी तूफान

संभलकर! 7 जून से लगने जा रहा है विष्कुंभ योग, इन 3 राशियों की बढ़ सकती है टेंशन

अगला लेख