rashifal-2026

निर्जला एकादशी 2021 : जल का महत्व जानने के लिए किया जाता है यह व्रत

Webdunia
निर्जला एकादशी व्रत पौराणिक युगीन ऋषि-मुनियों द्वारा पंचतत्व के एक प्रमुख तत्व जल की महत्ता को निर्धारित करता है। जप, तप, योग, साधना, हवन, यज्ञ, व्रत, उपवास सभी अंतःकरण को पवित्र करने के साधन माने गए हैं, जिससे काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद, मत्सर और राग-द्वेष से निवृत्ति पाई जा सके। 
 
21 जून 2021 को निर्जला एकादशी है। इस दिन प्रातःकाल से लेकर दूसरे दिन द्वादशी की प्रातःकाल तक उपवास करने की अनुशंसा की गई है। दूसरे दिन जल कलश का विधिवत पूजन किया जाता है। तत्पश्चात कलश को दान में देने का विधान है। इसके बाद ही व्रती को जलपान, स्वल्पाहार, फलाहार या भोजन करने की अनुमति प्रदान की गई है। 
 
व्रत के दौरान 'ॐ नमो नारायण' या विष्णु भगवान का द्वादश अक्षरों का मंत्र 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' का सतत एवं निर्बाध जप करना चाहिए। भगवान की कृपा से व्रती सभी कर्मबंधनों से मुक्त हो जाता है और विष्णुधाम को जाता है, ऐसी धार्मिक मान्यता है।
 
तुलसीदास जी ने भी मोह को सकल व्याधियों का मूल बताया है। सर्वमान्य तथ्य है कि संपूर्ण ब्रह्मांड व मानव शरीर पंचभूतों से निर्मित है। ये पांच तत्व पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु तथा आकाश हैं। पृथ्वी व आकाश तत्व हमेशा ही हमारे साथ रहते हैं और हवाई यात्रा के दौरान यदि पृथ्वी से संपर्क छूटता है, तब भी आकाश तत्व सदैव साथ रहता है।
 
वैज्ञानिक भी इस तथ्य को स्वीकार करते हैं कि मनुष्य शरीर में यदि जल की कमी आ जाए तो जीवन खतरे में पड़ जाता है। वर्तमान युग में जब जल की कमी की गंभीर चुनौतियां सारा संसार स्वीकार कर रहा है, जल को एक पेय के स्थान पर तत्व के रूप में पहचानना दार्शनिक धरातल पर जरूरी है।
 
निर्जला व्रत में व्रती जल के कृत्रिम अभाव के बीच समय बिताता है। जल उपलब्ध होते हुए भी उसे ग्रहण न करने का संकल्प लेने और समयावधि के पश्चात जल ग्रहण करने से जल तत्व के बारे में व पंचभूतों के बारे में मनन प्रारंभ होता है। व्रत करने वाला जल तत्व की महत्ता समझने लगता है। 
Nirjala Ekadashi के 5 महादान,देंगे मनचाहा वरदान

24 एकादशियों का शुभ फल देती है यह एकादशी, पढ़ें शुभ कथा
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

मकर संक्रांति पर बन रहे हैं शुभ योग, 3 राशियों को मिलेगा आशीर्वाद

Magh Maas: माघ माह का महत्व और पौराणिक कथा

न्याय का प्रतीक घंटा: क्यों बजाते हैं घंटी और क्या महत्व है इसका?

Year 2026 predictions: रौद्र संवत्सर में होगा महासंग्राम, अपनी अपनी जगह कर लें सुरक्षित

भविष्य मालिका की भविष्‍यवाणी 2026, 7 दिन और रात का गहरा अंधेरा

सभी देखें

धर्म संसार

मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने का तरीका, डोर और कचरी के साथ जानें पतंग के प्रकार

मकर संक्रांति पर केरल में मकरविलक्कु त्योहार, सबरीमाला मंदिर के आकाश में नजर आएगा दिव्य प्रकाश

बाबा खाटू श्याम आरती हिंदी– अर्थ, लाभ और पाठ विधि | Baba Khatu Shyam Aarti

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (09 जनवरी, 2026)

09 January Birthday: आपको 9 जनवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

अगला लेख