suvichar

फ्रैंक इस्लाम : प्रोफाइल

Webdunia
उत्तरप्रदेश के आजमगढ़ में एक किसान परिवार में जन्मे फ्रैंक इस्लाम को मार्टिन लूथर किंग जूनियर पुरस्कार से दिया गया है। उन्हें यह पुरस्कार फ्रैंक को उनकी मुहिम 'सपनों को जिंदा रखने' के लिए दिया गया है।

इस्लाम मात्र 15 साल की उम्र में अमेरिका चले गए थे। उस समय पांच सौ डॉलर (करीब 31 हजार रुपए) से भी कम अपने साथ ले जाने वाले इस्लाम बाद में एक सफल बिजनेस मैन बने।

उन्होंने अपना घर गिरवी पर रखकर 1993 में मेरीलैंड की एक घाटे में चल रही आईटी कंपनी को 50 हजार डॉलर (करीब 31 लाख रुपए) खरीदा था। उन्होंने 2007 में अपनी आईटी कंपनी बेच दी और अपना जीवन परोपकार के कामों में लगा दिया।

इस्लाम ने किंग और गांधी को अपना मार्गदर्शक मानते हैं। महान नेता की विरासत को दर्शाने वाला यह सम्मान फ्रैंक को अंतरराष्ट्रीय सेवाओं और लोगों से जुड़ने की उनकी प्रवत्ति के लिए दिया गया है।
Show comments

जरूर पढ़ें

क्या उलझ गया US, डोनाल्ड ट्रंप को क्यों महंगी पड़ रही है लड़ाई, क्या ईरान को लेकर अमेरिका-इजराइल के रास्ते हुए अलग

Iran Crisis के बीच भारत का बड़ा फैसला, रूस से भी खरीदेगा LPG, MEA ने बताया- 9000 से ज्यादा भारतीय थे ईरान में

Bengal Election 2026: बीजेपी ने कसी कमर, 111 उम्मीदवारों की नई लिस्ट जारी; रूपा गांगुली और प्रियंका टिबरेवाल पर फिर खेला दांव

Share Bazaar में हाहाकार, Sensex 2497 अंक फिसला, Nifty भी 776 अंक लुढ़का

Iran war : डरने की बजाय और आक्रामक हो गया ईरान, सऊदी-कुवैत-कतर की रिफाइनरियों पर हमले, उठने लगे आग और धुएं के गुबार

सभी देखें

नवीनतम

US-Iran war : ईरान ने किया US के F-35 फाइटर जेट पर हमले का दावा, अमेरिका ने बताया इमरजेंसी लैंडिंग

क्या उलझ गया US, डोनाल्ड ट्रंप को क्यों महंगी पड़ रही है लड़ाई, क्या ईरान को लेकर अमेरिका-इजराइल के रास्ते हुए अलग

योगी सरकार की नीतियों से महिला उद्यमिता को मिली ताकत

'नन्ही कली' कार्यक्रम में मैरीकॉम का बड़ा बयान: "बेटियों को सम्मान देना ही देश की असली तरक्की

Iran Crisis के बीच भारत का बड़ा फैसला, रूस से भी खरीदेगा LPG, MEA ने बताया- 9000 से ज्यादा भारतीय थे ईरान में