Red Fort Violence: 50,000 का इनामी इकबाल सिंह 7 दिन की पुलिस हिरासत में

Iqbal Singh
Webdunia
बुधवार, 10 फ़रवरी 2021 (22:18 IST)
नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने गणतंत्र दिवस पर 3 नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान लालकिले पर हुई हिंसा के मामले में पंजाब से गिरफ्तार किए गए एक व्यक्ति को बुधवार को 7 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
 
दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने इकबाल सिंह को होशियारपुर से गिरफ्तार किया और आज उसे दिल्ली लेकर आई। इकबाल पर 50,000 रुपए का इनाम घोषित किया गया था।
 
उसे मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट पूर्वा मेहरा के समक्ष पेश किया गया, जिन्होंने उसे पूछताछ के लिए हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने अदालत से आग्रह किया कि घटना को लेकर सामने आए कई वीडियो की जांच करने और अन्य आरोपी व्यक्तियों की पहचान करने में मदद के लिए उसे हिरासत में लेकर पूछताछ करने की आवश्यकता है, जिसके बाद अदालत ने यह मंजूरी दे दी।
ALSO READ: चक्काजाम के बाद अब 18 फरवरी को रेल रोकेंगे किसान, मशाल जुलूस का भी किया ऐलान, जानें क्या है तैयारी
पुलिस ने 10 दिनों के लिए उसकी हिरासत की मांग करते हुए कहा कि सिंह कथित रूप से हिंसा के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक है और यह पता लगाने की आवश्यकता है कि उसके पैसे कहां से आ रहे हैं। जांच अधिकारी ने कहा कि इस मामले में मंगलवार को गिरफ्तार किए गए अभिनेता-कार्यकर्ता दीप सिद्धू से सिंह के कथित संबंध का पता लगाने की जरूरत है। पुलिस ने आरोप लगाया कि हिंसा को सुनियोजित ढंग से अंजाम दिया गया था।
 
पुलिस ने कहा कि सैंकड़ों वीडियो हैं। हमें इन सबके साथ उसकी संलिप्तता का पता लगाने की जरूरत है। हमें यह पता लगाने की जरूरत है कि कौन लोग हैं जो उसके साथ आए थे और वे किससे जुड़े हैं। वह हिंसा को भड़काने वाले मुख्य लोगों में से एक था। यह एक साजिश थी। जांच अधिकारी ने आरोप लगाया कि सिंह ने एक समाचार चैनल पर एक घंटे से अधिक समय तक लाइव वीडियो किया जिसमें उसे भीड़ को हिंसा के लिए उकसाते हुए देखा जा सकता है।
ALSO READ: इस बजट से प्रधानमंत्री ने 'ना जवान, ना किसान' का नारा दिया : कांग्रेस
उन्होंने कहा कि हमें पंजाब जाकर उस समाचार चैनल की छानबीन करने की जरूरत है। हमें यह पता लगाने की जरूरत है कि उसकी फंडिंग कहां से आ रही है। हालांकि सिंह ने दावा किया कि वह हिंसा करने के लिए लालकिले नहीं गया था और उसने उस दौरान जो कुछ भी कहा या किया वह तात्कालिक क्षण का असर था।
 
गौरतलब है कि 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड के दौरान हजारों किसानों की पुलिस के साथ झड़प हो गई थी। हिंसा में 500 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए थे और एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई थी। (भाषा)

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

गृहमंत्री अमित शाह का तंज, अखिलेश ने हाथ जोड़े, डिंपल यादव भी मुस्कुराईं

AI से खत्म हो सकता है पानी, खौफनाक सच से क्यों अनजान हैं यूजर्स

UPI फिर हुआ डाउन, हफ्ते में दूसरी बार यूजर्स हुए परेशान, क्या बोला NPCI

Rajasthan : जयपुर सीरियल ब्लास्ट मामला, 11वां फरार आरोपी फिरोज गिरफ्तार

क्या थी रतन टाटा की आखिरी इच्छा, कैसे होगा 3800 करोड़ की संपत्ति का बंटवारा, किसे क्या मिलेगा?

सभी देखें

नवीनतम

टोल कलेक्‍शन में उत्तर प्रदेश टॉप पर, 7060 करोड़ रुपए की हुई कमाई

लालू यादव की तबीयत नाजुक, एम्स में कराया गया भर्ती

Meta ने Facebook और Instagram की सामग्री पर नहीं लगाई लगाम, तुर्किए सरकार ने लगाया जुर्माना Turkish government fined Meta

बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान का दावा, वक्फ की 90 फीसदी से अधिक संपत्ति विवादित

Waqf Amendment Bill को लेकर मोदी सरकार पर भड़के औवेसी, बोले मैं गांधी के तरह बिल फाड़ता हूं

अगला लेख