Hanuman Chalisa

पितृ दिवस पर कविता : पिता के कदम

Webdunia
fathers day 2023
 
- मनीषा कुशवाह
 
आराध्य निश्छल सा मन
मेरे कदमों की आहट के साथ
चलते मेरे पिता के कदम
 
न शिकवों की शिकन
न शिकायतों का आडंबर
दुनिया के इस बीहड़ वन में
मेरे लिए पगडंडी बनाते हैं
उनके कदम...
 
जब तपिश की धूप में
झुलसे मेरा तन
शब्दों की अभिव्यक्ति से
बांध देते मेरा मन
 
प्रशस्त करते मेरा मार्ग
प्रकाश पुंज की तरह
मेरे नन्हे कदमों से बिदाई तक
हर पल यूं ही मेरे सपनों को बुनते
मेरे पिता के कदम... 
 
और एक दिन पिया के साथ चल देती मैं
किसी और का घरोंदा सजाने को
फिर भी कम न होता
उनका अगाध प्रेम
 
आश्वासन से भरी उनकी बातें
जिंदगी के हर मोड़ पर साथ देती मेरा
और निहारिका की भांति अपलक जाग कर
मेरा इंतजार करते
मेरे पिता के नयन...
 
आराध्य निश्छल सा मन
मेरे कदमों की आहट के साथ चलते
मेरे पिता के कदम...।
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

गर्मी में बेहतरीन स्वादिष्‍ट आम रस कैसे बनाएं, पढ़ें स्टेप बाय स्टेप विधि और खास कुकिंग टिप्स

B. R. Ambedkar Essay: बाबासाहेब अंबेडकर पर हिन्दी में आदर्श निबंध

मधुमेह रोगियों को नारियल पानी कब पीना चाहिए?

तपती गर्मी से राहत देगा आम का पन्ना, नोट करें विधि

घर पर बनाएं कीवी आइसक्रीम, जानिए इस सुपरफ्रूट के 6 हेल्दी फायदे

सभी देखें

नवीनतम

रात में ये 3 चीजें खाने से बढ़ सकता है वजन

अनिश्चय के भंवर में युद्धविराम का भविष्य

अगर आप भी देर तक मोबाइल देखते हैं तो जान लें ये नुकसान

डॉक्टर बोले: रोज 10 मिनट चलने से कम हो सकती हैं ये बीमारियां

Sattu Recipes: गर्मी में सेहत को लाभ देगी सत्तू की 5 बेहतरीन रेसिपीज

अगला लेख