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फ्रेंडशि‍प डे स्पेशल : बचकर रहें साइबर फ्रेंडशिप से... पढ़ें सावधानियां

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असल जिंदगी में भले ही दोस्तों की संख्या कम हो, लेकिन वर्चुअल लाईफ में जरूर आपके दोस्तों की संख्या अधिक होती है। पिछले कुछ सालों में इंटरनेट, दोस्त बनाने का एक बड़ा जरिया बनकर उभरा है। यहां पर हर तरह के दोस्त हर वक्त उपलब्ध जो रहते हैं। लेकिन इस तरह की इंटरनेट दोस्ती कभी-कभी वरदान के साथ अभिशाप बन जाती है। इससे बचने के लिए आपको सतर्क रहने की जरूरत है।

 
1 निर्भरता - दोस्तों के साथ गपशप करने के लिए इंटरनेट या यूं कहें कि फेसबुक पर बहुत ज्यादा डिपेंड होने से बचें। ऐसे में आपको इसकी लत लग सकती है, जो बहुत घातक साबित हो सकती है। कई बार यह भी देखने में आया है कि अपने फेसबुक फ्रेंड के कुछ दिन ऑनलाईन न आने से ही लोग अवसाद ग्रस्त हो जाते हैं।   

2  निजी जिंदगी - ऐसे में आपकी निजी और नैसर्गिक जिंदगी बुरी तरह से प्रभावित होती है। आपको वर्चुअल लाईफ की आदत लग जाती है, और आप ज्यादातर समय फेसबुक फ्रेंड्स के साथ बिताते हैं, जि‍सके चलते खुद के लिए वक्त नहीं मिल पाता। 

अक्सर फेसबुक पर ही घंटों बिताने वाले लोग, अपनी वास्तविक सोशल लाईफ खो देते हैं, और वर्चुअल लाईफ में सिमट कर रह जाते हैं। जरा सोच कर देखि‍ए कि आप खुद के लिए वक्त निकालकर कुछ नया सीख सकते हैं, खुद की पर्सनालिटी को निखार सकते हैं,या फिर अपनों के साथ संबंधाें को मधुर बना सकते हैा ऐसे में खुद के लिए वक्त निकालें, और परिवार व दोस्तों के साथ कुछ पल बिताएं। 

3  सेहत - फेसबुक या इंटरनेट दोस्ती आपकी सेहत को भी बिगाड़ सकती है। लंबे समय तक एक ही स्थान पर बैठ कर चैट करना नुकसानदायक होता है, और कई बार हम चैटिंग के खुमार में भूख और प्यास को भी दरकिनार कर देते हैं, जो कि गलत है। यह आपकी मानसि‍क स्थि‍ति को भी प्रभावित करती है।

 इंटरनेट पर मौजूद किसी भी दोस्त की असल जिंदगी के बारे में आप अंदाजा नहीं लगा सकते, आपको कोई बेवकूफ भी बना सकता है,जिससे आप भावनात्मक रूप से बीमार हो सकते हैं। कभी- कभी ग्रुप में मजाक बनने या बेज्जती होने से भी अाप आहत हो जाते हैं, और शर्मिंदा महसूस करते हैं, इससे आपमें हीन भावना आ सकती है । इसके अलावा कंप्यूटर से निकलने वाली रेज आपकी आंखों को प्रभावित कर सिरदर्द  व तनाव भी दे सकती है।

पर्सनल जानकारी -  इंटरनेट पर बनने वाले दोस्तों से अपनी व्यक्तिगत बातें साझा करना, आपके लिए मुसीबत भी बन सकता है।कई बार इनके माध्यम से आप किसी बड़े धोखे या ठगी का शि‍कार हो सकते हैं। ऐसे दोस्तों से एक सीमा तक ही संबंध रखना बेहतर होगा।
 
अपने परिवार या अतीत के लेकर किसी से बात करने से बचें, ना ही अपने घर की सामाजिक और आर्थि‍क स्थि‍ति के बारे में किसी से चर्चा करें। अपने कपड़े, शरीर, घर, आने-जाने का रास्ता और दुश्मनी के बारे में किसी से चर्चा न करें ।

5 शेयरिंग - बगैर पूरी जानकारी के किसी पर अधि‍क विश्वास करना ठीक नहीं है। कई बार आप किसी पर विश्वास करके अपने निजी फोटो शेयर कर लेते हैं।

इन तस्वीरों का इस्तेमाल आपकी छवि को खराब करने या आपको फंसाने के लिए भी किया जा सकता है। अपना फोन नंबर, पता व बैंक आकाउंट या एटीएम से जुड़ी जानकारी देने से बचें। 
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