वेबू - गीतकार आनंद बख्शी जी ने तो पाँच मौसम गिनाए हैं-पतझड़, सावन, बसंत, बहार। और पाँचवाँ मौसम प्यार का ! लेकिन छठा मौसम क्या है ं?
छात्र -छठा मौसम परीक्षा का होता है वेबू। बख्शीजी से क्या पूछते हो? हम परीक्षा देने वालों से पूछो।
कैसे रो-रोकर, घुट-घुटकर बीतता है ये मौसम।
छठा मौसम परीक्षा का होता है वेबू। बख्शीजी से क्या पूछते हो? हम परीक्षा देने वालों से पूछो। कैसे रो-रोकर, घुट-घुटकर बीतता है ये मौसम।
हाय.. अगर नकल और आउट होने वाले प्रश्नपत्रों के हरे-भरे नखलिस्तान न होते, तो भारी-भरकम पढ़ाई का ये रेगिस्तान हमें जिंदा न छोड़ता। काश, हम छात्र अपने ढंग की जिंदगी जी पाते।