Publish Date: Mon, 25 Aug 2025 (17:08 IST)
Updated Date: Mon, 25 Aug 2025 (17:26 IST)
ganesh chaturthi puja niyam: गणेश चतुर्थी का पर्व देशभर में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन लोग भगवान गणेश की मूर्ति अपने घरों में स्थापित करते हैं और दस दिनों तक उनकी पूजा-अर्चना करते हैं। इस बार यह पर्व 27 अगस्त से 6 सितंबर तक मनाया जाएगा। गणेश जी को सुख, समृद्धि और सौभाग्य का देवता माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि घर में गणपति की मूर्ति स्थापित करने और पूजा करने के कुछ खास नियम होते हैं? यदि आप इन नियमों का पालन करते हैं, तो भगवान गणेश का आशीर्वाद आपके घर पर बना रहता है। आइए जानते हैं, गणेश चतुर्थी पर घर में गणपति को विराजने के 7 जरूरी नियम:
1. मूर्ति का चयन
गणेश चतुर्थी के लिए मूर्ति का चयन बहुत महत्वपूर्ण है। वास्तुशास्त्र के अनुसार, घर के लिए बैठी हुई मुद्रा में गणेश जी की मूर्ति लाना शुभ माना जाता है। बैठी हुई मुद्रा शांति और स्थिरता का प्रतीक है, जो घर में सुख-समृद्धि लाती है। इसके अलावा, गणेश जी की सूंड बाईं ओर होनी चाहिए, क्योंकि इसे सौभाग्य और सफलता का प्रतीक माना जाता है।
2. स्थापना की दिशा
गणेश जी की मूर्ति को घर में सही दिशा में स्थापित करना बहुत जरूरी है। मूर्ति को हमेशा उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) में रखें। यह दिशा पूजा-पाठ के लिए सबसे शुभ मानी जाती है। यदि यह संभव न हो, तो आप मूर्ति को पूर्व या पश्चिम दिशा में भी स्थापित कर सकते हैं। ध्यान रखें कि मूर्ति को कभी भी दक्षिण दिशा में न रखें।
3. साफ-सफाई का ध्यान रखें
गणपति की स्थापना से पहले उस जगह को अच्छी तरह से साफ करें। मूर्ति को हमेशा एक ऊंचे और साफ आसन पर स्थापित करें। पूजा स्थल के आसपास किसी भी तरह की गंदगी नहीं होनी चाहिए।
4. भोग में तुलसी का प्रयोग न करें
भगवान गणेश की पूजा में तुलसी के पत्ते का प्रयोग नहीं किया जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार, गणेश जी ने तुलसी का विवाह प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया था, जिससे नाराज होकर तुलसी ने उन्हें दो विवाहों का श्राप दिया था। इसलिए गणेश जी को भोग लगाते समय तुलसी का उपयोग न करें। उन्हें मोदक, लड्डू और मोतीचूर के लड्डू विशेष रूप से प्रिय हैं।
5. पूजा में इन चीजों को करें शामिल
गणेश जी की पूजा में कुछ खास चीजें जरूर शामिल करनी चाहिए। उन्हें दूर्वा घास, लाल फूल (जैसे गुड़हल), और सिंदूर अति प्रिय हैं। इन चीजों को पूजा में शामिल करने से भगवान गणेश बहुत प्रसन्न होते हैं।
6. सात्विक भोजन और साफ-सफाई
गणेश चतुर्थी के दस दिनों के दौरान घर का वातावरण शुद्ध और सात्विक रखना चाहिए। घर में मांसाहारी भोजन और शराब का सेवन पूरी तरह से वर्जित होता है। घर के सभी सदस्यों को साफ-सफाई और अनुशासन का पालन करना चाहिए।
7. विसर्जन का सही तरीका
गणेश चतुर्थी के बाद विसर्जन भी सही तरीके से करना चाहिए। आजकल पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमाएं स्थापित करने की सलाह दी जाती है, ताकि विसर्जन के बाद जल प्रदूषण न हो। विसर्जन से पहले पूजा-अर्चना करें और गणेश जी से क्षमा मांगते हुए उन्हें विदा करें।
इन नियमों का पालन करके आप न केवल भगवान गणेश का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि अपने घर में सुख, शांति और समृद्धि भी ला सकते हैं।
गणेश चतुर्थी के शुभ मुहूर्त:
अस्वीकरण (Disclaimer) : सेहत, ब्यूटी केयर, आयुर्वेद, योग, धर्म, ज्योतिष, वास्तु, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार जनरुचि को ध्यान में रखते हुए सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं। इससे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।