Hanuman Chalisa

गणपति क्यों बैठाते हैं? क्यों पड़ा श्रीगणेश का पार्थिव गणेश नाम, जानिए

आचार्य संतोष शर्मा
हम सभी हर साल गणपति की स्थापना करते हैं, साधारण भाषा में गणपति को बैठाते हैं, लेकिन क्यों? क्‍या किसी को मालूम है? हमारे धर्मग्रंथों के अनुसार, महर्षि वेद व्यास ने महाभारत की रचना की है, लेकिन लिखना उनके वश का नहीं था। अतः उन्होंने श्री गणेशजी की आराधना की और गणपतिजी से महाभारत लिखने की प्रार्थना की।
 
गणपतिजी ने सहमति दी और दिन-रात लेखन कार्य प्रारंभ हुआ और इस कारण गणेशजी को थकान तो होनी ही थी, लेकिन उन्हें पानी पीना भी वर्जित था।

अतः गणपतिजी के शरीर का तापमान बढ़े नहीं, इसलिए वेदव्यास ने उनके शरीर पर मिट्टी का लेप किया और भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को गणेशजी की पूजा की। मिट्टी का लेप सूखने पर गणेशजी के शरीर में अकड़न आ गई, इसी कारण गणेशजी का एक नाम पार्थिव गणेश भी पड़ा।
 
* महाभारत का लेखन कार्य 10 दिनों तक चला।
 
* अनंत चतुर्दशी को लेखन कार्य संपन्न हुआ।
 
* वेदव्यास ने देखा कि गणपति का शारीरिक तापमान फिर भी बहुत बढ़ा हुआ है और उनके शरीर पर लेप की गई मिट्टी सूखकर झड़ रही है, तो वेदव्यास ने उन्हें पानी में डाल दिया।
 
* इन दस दिनों में वेदव्यास ने गणेशजी को खाने के लिए विभिन्न पदार्थ दिए।
 
* तभी से गणपति बैठाने की प्रथा चल पड़ी।
 
* इन दस दिनों में इसीलिए गणेशजी को पसंद विभिन्न भोजन अर्पित किए जाते हैं।

ALSO READ: दौलतमंद बनना है तो घर में स्थापित करें धनदायक गणपति

ALSO READ: कामनापूर्ति के लिए कौनसे पार्थिव श्रीगणेश का करें पूजन, आप भी जानिए...

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

अधिकमास 2026: क्यों माना जाता है सबसे पवित्र महीना? जानें पूजा विधि, मंत्र और 6 खास बातें

वास्तु टिप्स: खुशहाल घर और खुशहाल जीवन के 10 सरल उपाय vastu tips

सूर्य के वृषभ राशि में प्रवेश से बदलेंगे वैश्विक हालात? जानें भविष्यफल

सूर्य का वृषभ राशि में प्रवेश, जानें मेष से मीन तक किसे मिलेगा लाभ, राशिफल

घर में रात में चमगादढ़ घुसने के हैं 6 कारण, भूलकर भी न करें नजरअंदाज, तुरंत बरतें ये सावधानियां

सभी देखें

धर्म संसार

16 May Birthday: आपको 16 मई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

धार की भोजशाला से मौलाना कमाल मस्जिद तक: जानिए इतिहास में कब और कैसे हुआ बदलाव

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 16 मई 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

Guru Pushya Yoga 2026: 21 मई 2026 को बनेगा गुरु-पुष्य योग का शुभ संयोग, जानें क्यों हैं खास

Adhika Maas 2026: 17 मई से पुरुषोत्तम मास, ज्येष्ठ अधिकमास में पुण्य लाभ कैसे पाएं और क्या टालें?

अगला लेख