shiv chalisa

ग्रीन पटाखे क्‍या होते हैं? जानें किस तरह केमिकल युक्त पटाखों से है अलग

Webdunia
गुरुवार, 28 अक्टूबर 2021 (15:21 IST)
दिवाली में अब कुछ ही दिन शेष है लेकिन बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण देश में कुछ जगहों पर पटाखे पूरी तरह से बैन कर दिए गए है तो कहीं पर सीमित मात्रा में जलाने की अनुमति दी जा रही है। पर्यावरण को बचाने के लिए ग्रीन पटाखे एक नया विकल्प सामने आया है। बताया जा रहा है कि इससे 30 से 40 फीसदी तक प्रदूषण कम होगा। साथ ही इनमें में नुकसानदायक केमिकल नहीं होते हैं। आइए जानते हैं ग्रीन पटाखे क्‍या होते है?

ग्रीन पटाखे प्रदूषण को कम करता है। इन्हें बनाने में किसी प्रकार का एल्‍यूमिनियम, बेरियम, पोटेशियम-नाइट्रेट और कार्बन का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। अगर होते भी है तो मात्रा बहुत कम होती है। इसका सबसे बड़ा फायदा है यह वायु प्रदूषण को कम करने में मदद करता है।

यह दिखने में एकदम सामान्य पटाखों की तरह ही होते हैं केमिकल युक्त पटाखों की तरह ही और ग्रीन पटाखों में भी वह सभी वैरायटी उपलब्ध है। कैटेगरी फुलझड़ी, फ्लावर पॉट, स्काई शॉट जैसे पटाखे हैं। उन्हें भी अन्‍य पटाखों की तरह ही माचिस से जलाया जाता है। यह खुशबू वाले भी आते हैं।

लेकिन देखा जाए तो यह पटाखे केमिकल युक्त पटाखों से थोड़े महंगे होंगे। इसमें में केमिकल पटाखे की तरह धुंआ भी निकलेगा लेकिन वह हानिकारक नहीं होगा। केमिकल युक्त पटाखे 250 रूपए तक के पड़ते हैं वहीं ग्रीन पटाखे 400 रूपए तक के पड़ सकते हैं।



 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

द्रौपदी: 'अच्युत-गोत्र' की वह पहचान, जहां गोविंद ही एकमात्र संबंधी बन जाते हैं

प्रेम, आत्म-विलय से वैश्विक चेतना तक का महाप्रस्थान

महंगे सप्लीमेंट्स छोड़ें! किचन में छिपे हैं ये 5 'सुपरफूड्स', जो शरीर को बनाएंगे लोहे जैसा मजबूत

इन 10 तरह के लोगों से कभी उम्मीद न रखें, वरना जीवन में मिलेगा सिर्फ दुख

ब्रेन एन्यूरिज़्म: समय पर पहचान और सही इलाज से बच सकती है जान, जानें एक्सपर्ट की राय

सभी देखें

नवीनतम

Shivaji Maharaj Essay: मराठा शासक छत्रपति शिवाजी महाराज पर उत्कृष्ट निबंध

राहुल गांधी में बदलाव की संभावना नहीं

कविता: बेटी

नकारात्मक ऊर्जा का अंत: घर में रोज जलाएं इस चीज का धुआं, दूर होगी कलह और क्लेश

रुकें, सोचें फिर करें हाथी की सवारी

अगला लेख