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Gujarat New EV Policy: ग्राहकों को मिलेगी डबल सब्सिडी, RTO टैक्स होगा जीरो

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EV Double Subsidy Gujarat
Gujarat New EV Policy: पश्चिम एशिया के संकट के बाद ईंधन पर निर्भरता कम करने और राज्य में स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए गुजरात सरकार एक नई और व्यापक इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी लाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए सरकार द्वारा विभिन्न हितधारकों (stakeholders) के साथ चर्चा शुरू कर दी गई है और जल्द ही इसका फाइनल ड्राफ्ट तैयार होने की संभावना है। नई पॉलिसी का मुख्य फोकस तीन बातों पर रहेगा-  ईवी की बिक्री में बढ़ोतरी करना, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करना और राज्य में ही ईवी तथा बैटरी उत्पादन को बड़ा बढ़ावा देना।

RTO टैक्स माफी और डबल सब्सिडी

नई नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले ग्राहकों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए सरकार बड़े पैमाने पर आकर्षक लाभ देने की योजना बना रही है। वर्तमान में पेट्रोल-डीजल वाहनों पर 6% RTO टैक्स वसूला जाता है, जबकि ईवी पर केवल 1% टैक्स है, जिसे अब पूरी तरह से शून्य (0%) करने पर विचार चल रहा है। इसके अलावा, ईवी खरीद पर मिलने वाली वित्तीय सब्सिडी की राशि को दोगुना करने और अब तक की सीमित श्रेणियों के बजाय सभी प्रकार के इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए इस लाभ का विस्तार करने का महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा गया है।

नई इमारतों में चार्जिंग सुविधा अनिवार्य और PPP मॉडल

राज्य में चार्जिंग स्टेशनों के नेटवर्क को मजबूत बनाने के लिए सरकार पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल अपनाएगी। चार्जिंग स्टेशन शुरू करने वाले ऑपरेटरों को आकर्षित करने के लिए बिजली बिल में सब्सिडी सहित कई प्रोत्साहन दिए जा सकते हैं। इसके साथ ही, जनरल डेवलपमेंट कंट्रोल रेगुलेशंस (GDCR) के नियमों में बड़ा बदलाव करके भविष्य में बनने वाली सभी नई इमारतों और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में ईवी चार्जिंग सुविधा स्थापित करना अनिवार्य बनाने पर भी विचार चल रहा है।

उत्पादन को गति और पेट्रोल-डीजल वाहनों पर संभावित नियंत्रण

इस पॉलिसी के तहत गुजरात में ईवी और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग करने वाली इकाइयों (units) के लिए विशेष प्रोत्साहनों की घोषणा की जाएगी, क्योंकि नई औद्योगिक नीति में इस क्षेत्र को 'थ्रस्ट सेक्टर' का दर्जा दिया गया है। दूसरी ओर, दिल्ली सरकार की तर्ज पर वर्ष 2028 के बाद पेट्रोल और डीजल वाहनों की बिक्री पर चरणबद्ध तरीके से नियंत्रण लगाने जैसे कड़े विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है। सरकार खुद भी एक मिसाल कायम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन और सरकारी विभागों के वाहनों को धीरे-धीरे ईवी में बदलेगी तथा भविष्य में केवल इलेक्ट्रिक वाहनों की ही खरीद करेगी।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 
 

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