Publish Date: Wed, 10 Jun 2026 (13:01 IST)
Updated Date: Wed, 10 Jun 2026 (13:25 IST)
वडोदरा शहर में भीषण गर्मी के बीच पीने के पानी की गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। शहर का मुख्य जल स्रोत मानी जाने वाली ऐतिहासिक आजवा झील तेजी से खाली हो रही है और उसका तल दिखने लगा है। चिलचिलाती गर्मी के कारण पानी की खपत लगातार बढ़ रही है, जबकि दूसरी ओर झील में पानी की कोई नई आवक नहीं होने से जलस्तर चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है, जिससे प्रशासन की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।
2. नगर निगम एक्शन मोड में : संकट से बचने के लिए बुलाई उच्चस्तरीय बैठक
संस्कारी नगरी वडोदरा की लाखों की आबादी को पीने का पानी उपलब्ध कराने वाली आजवा झील की स्थिति पिछले कुछ हफ्तों से प्रशासन के लिए सिरदर्द बनी हुई थी। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, झील का जलस्तर पिछले साल की तुलना में काफी कम हो गया है। अगर यही स्थिति रही तो आने वाले दिनों में पूरे शहर में पानी के लिए त्राहि-त्राहि मच सकती है, जिसे देखते हुए वडोदरा नगर निगम ने स्थिति की गंभीरता को समझा और तुरंत एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाकर अग्रिम योजना बनाने पर जोर दिया।
3. प्रशासन पहुंचा नर्मदा निगम की शरण में, पानी हासिल करने का बड़ा फैसला
जल संकट के तुरंत समाधान के लिए आखिरकार नगर निगम प्रशासन ने नर्मदा निगम की शरण लेने का बड़ा फैसला किया है। निगम की योजना के अनुसार, अगले एक महीने तक यानी जब तक मानसून पूरी तरह सक्रिय नहीं हो जाता, तब तक नर्मदा निगम से अतिरिक्त पानी लिया जाएगा। इस वैकल्पिक व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यह है कि गर्मी के इन आखिरी दिनों में शहर के किसी भी इलाके में पानी की किल्लत न हो और नागरिकों को नियमित रूप से पानी मिलता रहे।
4. खजाने पर करोड़ों का बोझ, जनहित में 29 करोड़ रुपए का खर्च मंजूर
नर्मदा निगम से यह अतिरिक्त पानी खरीदने के लिए वडोदरा नगर निगम को करीब 29 करोड़ रुपए का भारी-भरकम खर्च करना पड़ेगा। यह खर्च निगम के खजाने पर एक बड़ा आर्थिक बोझ साबित होगा, लेकिन नागरिकों की पानी जैसी बुनियादी जरूरत को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने इस कड़े फैसले को स्वीकार किया है। नगर निगम का मानना है कि समय पर लिया गया यह बड़ा वित्तीय निर्णय शहर को संभावित जल संकट के हाहाकार से बचा लेगा।
5. जल संकट की मुख्य वजह, पानी की बर्बादी रोकने की प्रशासन ने की अपील
विशेषज्ञों के अनुसार, इस जल संकट के पैदा होने का मुख्य कारण गर्मी के मौसम में पानी की अत्यधिक खपत और ऊपरी इलाकों से पर्याप्त पानी न मिलना है। फिलहाल शहर में जलापूर्ति सुचारू रखने के लिए प्रशासन द्वारा वितरण प्रणाली की लगातार समीक्षा की जा रही है। इसके साथ ही, नगर निगम ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे पानी की बर्बादी रोकें और इस कठिन समय में पानी का सोच-समझकर और किफायती उपयोग करें।
Edited By : Chetan Gour
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