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8 रसीले ज्यूस, सेहत को रखे चुस्त

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शरीर में पानी की कमी को केवल पानी ही दूर कर सकता है। पर केवल पानी ही प्यास बुझाने के लिए काफी नहीं होता। शरीर में नमी अधिक देर तक बनी रहे इसके लिए कई प्राकृतिक विकल्प मौजूद हैं। 
 
लौकी का रस 
लौकी का रस शीतलता प्रदान करने वाला चमत्कारिक पेय है। यूनानी चिकित्सा पद्धति में लौकी का रस गर्मियों के मौसम की मार से बचाने के लिए सबसे अधिक मरीजों को सुझाया जाता है। यह विटामिन सी और बी-6 का बहुत अच्छा स्रोत है। इसमें आवश्यक खनिज जैसे कैल्शियम, आयोडीन, मैग्नेशियम, फास्फोरस और पोटेशियम भी भरपूर होते हैं। सुबह खाली पेट एक गिलास लौकी का रस दिन भर के लिए शीतलता प्रदान करता है। इसमे एक चुटकी नमक डालने से शरीर में सोडियम की कमी नहीं होती। यह प्यास को शांत करता है तथा संतुष्टि देता है। पेट रोग तो इससे दुरुस्त होते ही हैं। 
 
आम का पना 
आने वाले मौसम में आम से पहले कैरियां आने लगती हैं। पोदीने के साथ इसे पीसकर पिया जाता है। लू लगने से बचने के लिए आम का पन्हा सर्वश्रेष्ठ उपाय माना जाता है। इसमें विटामिन-सी, बी-1, बी-2, और नियासीन होते हैं। इससे नमक और लौह तत्वों की कमी नहीं होने पाती। हाजमा दुरुस्त रखने में भी आम का पन्हा बेजोड़ होता है। 
 
गन्ने का रस 
ग्लूकोज का यह सबसे बड़ा स्रोत माना जाता है। एक गिलास गन्ने के रस से तत्काल ऊर्जा मिलती है। धूप और पसीने के कारण शरीर से निकल रहे खनिज लवणों की आपूर्ति भी इससे होती है। लौह तत्वों का बड़ा स्रोत माना जाता है। यदि आप मधुमेह के रोगी हैं तो इसे चिकित्सक की सलाह से लें।
 
रूह अफ्जा 
रूह अफ्जा यूनानी पद्धति से बनाया गया शरबत है जो भारतीय उपमहाद्वीप में प्यास बुझाने का आदर्श पेय माना जाता है। इसमें प्रयुक्त जड़ी बूटियाँ शरीर में पानी के स्तर को बनाए रखने में मदद करती हैं। यह निर्जलन एवं लू लगने जैसी मुसीबतों से भी बचा लेता है। यह दस्त, पेटदर्द, बदहजमी आदि से भी निजात दिलाता है।
 
नीबू शरबत 
नींबू शरबत से शरीर को आवश्यक नमक और शक्कर के रूप में ऊर्जा मिल जाती है। विटामिन सी का तो इसे खजाना ही कहा जाता है। इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक प्रणाली मजबूत हो जाती है। 
 
पपीते का रस 
पपीते का रस मांसाहारियों ओर कमजोर हाजमे वाले रोगियों के लिए मुफीद होता है। जिन मरीजों कों प्रोटीन पचाने के लिए आवश्यक एन्जाइम सप्लिमेंट्स चाहिए यह उनमें मदद करता है। गर्भवती महिलाओं को इसे नहीं पीना चाहिए।
 
नारियल पानी 
पानी वाला नारियल समूचे उत्तर भारत में मिलता है। इससे अधिक तेजी से तरोताजा करने वाला कोई ड्रिंक अब तक नहीं बना है। कच्चे हरे नारियल के एक गिलास पानी को सर्वश्रेष्ठ प्राकृतिक हैल्थ ड्रिंक माना जाता है। शरीर से विषैले पदार्थों को निकाल बाहर करने में यह बेजोड़ है। यह शरीर की पीएच वैल्यू भी कायम रखता है। इसे किसी भी बीमारी से ग्रस्त मरीज को दिया जा सकता है। 
 
तरबूज का रस 
तरबूज अरब मुल्कों से हिन्दुस्तान पहुंचा है। इसे प्यास बुझाने वाले महत्वपूर्ण शरबत में शामिल किया गया है। इसमें इलेक्ट्रोलाइट्स भी खूब होते हैं जिससे सोडियम और पोटेशियम की कमी नहीं होने पाती। यह दोनों लवण पसीने के साथ शरीर से निकल जाते हैं। 

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