Hanuman Chalisa

त्योहारी सीजन के खानपान से अगर बढ़ गया है कोलेस्ट्रॉल, तो जान लीजिए 5 नुकसान

Webdunia
आप जानते ही होंगे कि शरीर में कोलेस्ट्रॉल (cholesterole) की मात्रा न तो अधिक होनी चाहिए न ही कम। इन दोनों ही स्थितियों में यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। शरीर में कोलेस्ट्रॉल केवल उतना ही होना चाहिए जितना की आवश्यक हो। लेकिन अक्सर त्योहारी सीजन में खानपान अधिक हो जाता है और शरीर में फैट की मात्रा बढ़ जाती है। आइए, हम आपको बताएं कि शरीर में जरूरत से ज्यादा कोलेस्ट्रॉल का होना सेहत को कौन से गंभीर नुकसान पहुंचा सकता हैं -
 
1 शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने पर यह आपकी धमनियों में जमा हो जाता है और ब्लॉकेज का निर्माण होता है, जिससे रक्तसंचार तो बाधित होता ही है, मष्तिष्क, आंखों, दिल, किडनी और शरीर के निचले हिस्से के अंगों की कार्यप्रणाली में भी समस्या होती है।
 
2 कोलेस्ट्रॉल हार्ट अटैक की संभावनाओं को कई गुना बढ़ा देता है। कोलेस्ट्रॉल, हृदय की रक्त वाहिनियों में जमा हो जाता है, जिससे हृदय तक रक्त का संचार ठीक से नहीं हो पाता और दबाव बढ़ता है, जो अंतत: हार्ट अटैक का कारण बनता है।

ALSO READ: अगर सीढ़ि‍यां चढ़ते समय फूलती है सांस, तो हो सकती है ये बीमीरी
 
3 अधिक कोलेस्ट्रॉल के जमा होने आंखों की ओर होने वाला रक्तसंचार बंद हो सकता है जिसके कारण धीरे-धीरे आपकी आंखों की रोशनी पूरी तरह से खत्म हो सकती है।
 
4 इसी प्रकार कोलेस्ट्रॉल के अधिक जमाव के कारण मस्तिष्क तक रक्तसंचार ठीक से नहीं होने पर ब्रेन स्ट्रोक, तनाव व मानसिक समस्याओं की आशंका बढ़ जाती है।
 
5 रक्तसंचार का प्रभावित होना, शरीर के लगभग हर हिस्से को प्रभावित करता है। इससे किडनी की समस्याओं में भी इजाफा हो सकता है, क्योंकि इसका प्रभाव रेनल धमनियों पर भी पड़ता है।
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

किडनी की सफाई के लिए 3 घरेलू उपाय, डॉक्टर की सलाह से आजमाएं

Summer diet plan: गर्मी से बचने के लिए जानें आयुर्वेदिक पेय और डाइट प्लान

Nautapa and health: नौतपा में ऐसे रखें सेहत का ध्यान, जानें 10 सावधानियां

Nautapa 2026: नौतपा क्या है? जानें इसके कारण और लक्षण

cold water: ज्यादा ठंडा पानी पीना सही है या गलत? जानें सच

सभी देखें

नवीनतम

Rajaram Mohan Roy: आधुनिक भारत के जनक राजाराम मोहन राय की जयंती, जानें उनके विचार

लघुकथा: 'क्या आपने !'

नार्वे में पत्रकारिता या पब्लिसिटी स्टंट?

बंगाल में राजनीतिक हिंसा रोकना भाजपा सरकार की सबसे बड़ी चुनौती

Nautapa 2026: 25 मई से नौतपा: भीषण गर्मी के दिन, जानें महत्व, पर्यावरण और सेहत पर प्रभाव

अगला लेख