Dharma Sangrah

हां, मैं खुश हूं....जानिए, कैसे करें खुद में बदलाव

Webdunia
डॉ. सुधीर खेतावत  
 
हमारे देश में सम्मोहन यानी हिप्नोटिज्म को एक चमत्कार के रूप में देखा जाता है। प्राचीन ग्रंथों में सम्मोहन का जिक्र कठिन सिद्धि के रूप में किया गया है। सम्मोहन सदैव ही जिज्ञासा एवं आश्चर्य का विषय रहा है। इसे विज्ञान और किंवदंतियों की सीमा रेखा भी कह सकते हैं। 


 
कई देशी टीवी धारावाहिकों में सम्मोहन का इस्तेमाल रहस्य उत्पन्न करने के लिए भी किया जाता है जबकि विदेशों में इसे गंभीर विषय मानते हुए शोध हो रहे हैं। आधुनिक रूप से सम्मोहन 18वीं शताब्दी से प्रारंभ हुआ था। इसे अर्ध-विज्ञान के रूप में प्रतिष्ठित कराने का श्रेय ऑस्ट्रियावासी फ्रांस मेस्मर को है। हिप्नोटिज्म शब्द का आविष्कार 19वीं शताब्दी के डॉ. जेम्स ब्रेड ने किया। 

सम्मोहन व्यक्ति के मन की वह अवस्था है जिसमें उसका चेतन मन धीरे-धीरे तन्द्रा की अवस्था में चला जाता है और अर्धचेतन मन सम्मोहन की प्रक्रिया द्वारा निर्धारित कर दिया जाता है। साधारण नींद और सम्मोहन की नींद में अंतर होता है। साधारण नींद में हमारा चेतन मन अपने आप सो जाता है तथा अर्धचेतन मन जागृत हो जाता है। 

इस परिवर्तन के लिए किसी बाहरी शक्ति का उपयोग नहीं होता, जबकि सम्मोहन तन्द्रा में सम्मोहनकर्ता चेतन मन को सुलाकर अचेतन को आगे लाता है और उसे सुझाव के अनुसार कार्य करने के लिए तैयार करता है। हर व्यक्ति का जीवन उसके या किसी और व्यक्ति के सुझावों पर चलता है। व्यक्ति को सम्मोहन करने के लिए उसकी पांचों इंद्रियों के माध्यम से जो प्रभाव उसके मन पर डाला जाता है उसे ही यहां सुझाव कहते हैं। 

हमारे मन की मुख्यतः दो अवस्थाएं होती हैं : चेतन मन और अचेतन मन। हमारा अचेतन मन चेतन मन की अपेक्षा अधिक याद रखता है एवं सुझावों को ग्रहण करता है। बहुत से लोगों की धारणा है कि केवल कमजोर इच्छाशक्ति वाले व्यक्ति को ही सम्मोहित किया जा सकता है। इसके विपरीत दृढ़ इच्छाशक्ति वाले व्यक्ति को भी आसानी से सम्मोहित किया जा सकता है। हर व्यक्ति को सम्मोहित करने का तरीका समान नहीं होता। हर व्यक्ति के अनुसार सुझाव भिन्न-भिन्न हो सकते हैं। हम अपने आप को भी विभिन्न प्रकार के सुझाव दे सकते हैं। रात्रि में अर्धजागृत अवस्था के दौरान वे सुझाव हम अपने आपको देकर आश्चर्यजनक परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।


 
 
मैं सब बातों में बेहतर होता जा रहा हूं/रही हूं। 
 
मैं दिन-प्रतिदिन अपने कार्यों में कुशल होता जा रहा हूं/रही हूं। 
 
मैं सदा स्वस्थ, प्रसन्नाचित, उत्साहित रहता हूं/रहती हूं। 
 
मैं अपनी सभी शुभ इच्छाएं पूर्ण करने में समर्थ हूं। 
 
मेरा अपने क्रोध पर पूर्ण नियंत्रण है, मैं चर्चा के समय उत्तेजित नहीं होता हूँ/होती हूँ। 
 
मेरी स्मरण शक्ति अच्छी होती जा रही है, मुझे नई बातें सीखने में आसानी होती है। 
 
मेरी भाषण देने की योग्यता बढ़ती जा रही है। 
 
मेरा व्यक्तित्व आकर्षक एवं प्रभावशाली है। 
 
ऐसे विभिन्न प्रकार के सुझाव हम रात को सोने के पूर्व अपने आपको अनेक बार देकर कुछ ही दिनों में चमत्कारिक परिणाम पा सकते हैं।

 बीमारियों के इलाज में भी हिप्नोथैरेपी कारगर सिद्ध हो सकती है। इसके जरिए असामान्य रोगों का भी उपचार संभव है। पिछले कुछ वर्षों से हुए शोध से हिप्नोथैरेपी मानसिक विकारों को दूर करने सहित पारिवारिक विवादों के हल में भी कारगर सिद्ध हुई है।


 

इसके माध्यम से हम न केवल गुर्दा प्रत्यारोपण के समय की जाने वाली सर्जरी का तनाव कम कर सकते हैं, अपितु इसके माध्यम से हम प्रसव के समय होने वाली पीड़ा को भी कम कर सकते हैं। 

Makar Sankranti Quotes: पतंग की उड़ान और तिल गुड़ की मिठास के साथ, अपनों को भेजें ये 10 सबसे खास शुभकामना संदेश

मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने का तरीका, डोर और कचरी के साथ जानें पतंग के प्रकार

Traditional Bihu Recipes: असमिया बिहू रेसिपी: पारंपरिक स्वाद और संस्कृति का संगम

Pongal Recipes: पोंगल के दिन के लिए 5 सुपर स्वादिष्ट रेसिपी और व्यंजन

रूम हीटर के साथ कमरे में पानी की बाल्टी रखना क्यों है जरूरी? जानें क्या है इसके पीछे का साइंस

Republic Day Essay 2026: गणतंत्र दिवस 2026: पढ़ें राष्ट्रीय पर्व पर बेहतरीन निबंध

Gahoi Diwas गहोई दिवस: गहोई वैश्य समाज का गौरवपूर्ण पर्व

Indian Army Day status: वर्दी की शान, देश का सम्मान... 15 जनवरी, इंडियन आर्मी डे पर भेजें ये 11 बेहतरीन शुभकामना संदेश

Indian Army Day: थल सेना दिवस: हर सैनिक के साहस को नमन

अदरक का स्वाद जानें या नहीं, फ्रूटी का स्वाद खूब जानते हैं वृंदावन के बंदर