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Sixty Plus Life: 60 साल की उम्र में BP बढ़ने पर हृदय रोग, स्ट्रोक और किडनी का खतरा सबसे ज्यादा, जानें कैसे बचें?

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High Blood Pressure at 60
Hypertension in Seniors: जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, खासकर 60 साल की उम्र के बाद, शरीर की रक्त वाहिकाएं स्वाभाविक रूप से कम लचीली हो जाती हैं, जिससे हाई ब्लड प्रेशर या उच्च रक्तचाप का खतरा काफी बढ़ जाता है। यह स्थिति हृदय रोग, स्ट्रोक, और किडनी की विफलता जैसे गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों का मुख्य कारण बनती है। बुजुर्गों में सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर या ऊपरी संख्या का बढ़ना अधिक आम है और इसे अक्सर बुजुर्गों में उच्च रक्तचाप के रूप में देखा जाता है।ALSO READ: Winter Health Tips: सर्दियों में रखना है सेहत का ध्यान तो खाएं ये 5 चीजें
 
यह जानकारी केवल सामान्य सलाह के लिए है। सबसे महत्वपूर्ण कदम यह है कि आप तुरंत अपने डॉक्टर से मिलें और उनके मार्गदर्शन का पालन करें।
 
बीपी नियंत्रित करने के लिए जीवनशैली, आहार और चिकित्सकीय उपायों पर ध्यान देना आवश्यक है:
 
1. चिकित्सकीय परामर्श और निगरानी:
 
डॉक्टर से तुरंत मिलें: यदि आपका बीपी लगातार बढ़ा हुआ (130/80 mmHg से अधिक) आ रहा है, तो बिना देर किए डॉक्टर से मिलें।
 
दवाएं लें: डॉक्टर आपको आपकी स्वास्थ्य स्थिति, उम्र, और अन्य बीमारियों (जैसे मधुमेह) को देखते हुए दवाएं लिखेंगे। दवाओं को समय पर लेना और बिना डॉक्टर की सलाह के बंद न करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
 
नियमित जांच: घर पर एक अच्छी बीपी मशीन रखें और इसे प्रतिदिन एक निश्चित समय पर नापें (आमतौर पर सुबह और शाम)। इन रीडिंग्स का रिकॉर्ड रखें और हर मीटिंग में डॉक्टर को दिखाएं।
 
अन्य जांचें: डॉक्टर हृदय, किडनी और कोलेस्ट्रॉल की जांच भी करवा सकते हैं ताकि कॉम्प्लीकेशन्स का पता चल सके।ALSO READ: Health Alert: 7 फल जिनमें शुगर की मात्रा सबसे ज्यादा, डाइट में शामिल करने से पहले जरूर जानें
 
2. आहार में बदलाव: 
 
नमक कम करें (सबसे ज़रूरी): एक दिन में 5 ग्राम (लगभग एक चम्मच) से अधिक नमक का सेवन न करें। प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ, अचार, पापड़ और डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों से बचें क्योंकि इनमें नमक बहुत अधिक होता है।
 
DASH डाइट अपनाएं: यह डाइट विशेष रूप से बीपी कम करने के लिए बनी है। इसमें शामिल है:
 
फल और सब्जियां भरपूर मात्रा में।
 
साबुत अनाज।
 
कम वसा वाले डेयरी उत्पाद।
 
कम लाल मांस और मीठे पेय पदार्थ।
 
पोटेशियम युक्त भोजन: पोटेशियम नमक (सोडियम) के प्रभाव को संतुलित करने में मदद करता है। यदि किडनी की समस्या न हो तो केले, पालक, शकरकंद और एवोकाडो जैसे खाद्य पदार्थ खाएं, चाहें तो पहले अपने डॉक्टर से पूछ लें।
 
शराब का सेवन सीमित करें: यदि आप शराब पीते हैं, तो इसकी मात्रा को सीमित करें या पूरी तरह छोड़ दें।
 
3. जीवनशैली में बदलाव: 
नियमित व्यायाम: रोज़ाना 30 से 45 मिनट की मध्यम गति की सैर, योग या हल्की कार्डियो एक्सरसाइज़ करें। इससे हृदय मजबूत होता है और वजन नियंत्रित रहता है।
 
ध्यान दें: भारी वजन उठाना या अचानक जोरदार व्यायाम करना शुरू करने से पहले डॉक्टर से पूछ लें।
 
वजन नियंत्रित करें: यदि आप अधिक वजन वाले हैं, तो वजन कम करना बीपी को नियंत्रित करने का सबसे प्रभावी तरीका है। पेट के आसपास की चर्बी कम करने पर विशेष ध्यान दें।
 
तनाव प्रबंधन: तनाव बीपी को बढ़ाता है। इसके लिए योग, ध्यान, गहरी सांस लेने के वाले व्यायाम करें या अपने पसंदीदा शौक में समय बिताएं।
 
पर्याप्त नींद: हर रात 7-8 घंटे की अच्छी और आरामदायक नींद लें। नींद की कमी बीपी बढ़ा सकती है।
 
धूम्रपान छोड़ें: यदि आप धूम्रपान करते हैं, तो इसे पूरी तरह से तुरंत छोड़ दें। धूम्रपान रक्त वाहिकाओं को संकरा करता है और बीपी को बहुत तेजी से बढ़ाता है।
 
इन सभी उपायों को एक साथ और लगातार अपनाने से 60 साल की उम्र में भी ब्लड प्रेशर को सफलतापूर्वक नियंत्रित किया जा सकता है।ALSO READ: Amla health benefits: आंवला: सेहत का खजाना, देगा अद्भुत स्वास्थ्य लाभ, होंगे ये कई सेहत फायदे

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

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