rashifal-2026

एंटीबायोटिक से बचें, कमजोर हो सकती है रोग प्रतिरोधक क्षमता

Webdunia
जब भी हमें छोटी-मोटी सेहत समस्या, हल्का सा दर्द व घाव आदि होता है तो हमारा शरीर उसे अपने आप ठीक करने में भी सक्षम होता है। लेकिन कई लोग जरा सी भी परेशानी होने पर अत्यधिक एंटीबायोटिक का सेवन करते हैं। अगर आप भी उन्हीं में से है तो आइए, आपको बताते हैं कि रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर होने से बचाने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए - 
 
एंटीबायोटिक - हममें से कई लोगों की आदत होती है, एंटीबायोटिक्स दवाओं का अत्यधिक सेवन करना। लेकिन गैरजरूरी समय पर इनका सेवन  करने से आपकी प्रतिरोधक क्षमता कम हो सकती है। अत्यधिक जरूरत के समय ही एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन करें।
एंटीबायोटिक के खतरे 
-जानलेवा संक्रमणों से लड़ने के लिए एंटीबायोटिक अब भी एक कारगर हथियार है लेकिन इसके नुकसान बहुत हैं। इसीलिए दुनिया फिक्रमंद है।
 
-भारत में एंटीबायोटिक के प्रतिरोधी संक्रमणों से कारण हर साल 50 हजार से ज्यादा बच्चों की जान जा रही है। इसे सुपरबग कहा जाता है।
 
-एंटीबायोटिक का असर कम होने के कारण बैक्टीरिया इतने मजबूत हो चुके हैं कि हर साल सात लाख लोग इस कारण जान से जा रहे हैं। 2050 तक यह तादाद करोड़ों में पहुंच सकती है।
 
-एंटीबायोटिक दवाएं लड़ती हैं बैक्टीरिया से पैदा होने वाली बीमारियों से। इसका मतलब है कि वे वायरस से नहीं लड़ सकतीं। इसलिए सर्दी जुकाम जैसी बीमारियों में एंटीबायोटिक नहीं लेनी चाहिए।
 
-यह दवा सिर्फ पानी के साथ खाई जानी चाहिए। दूध आदि डेयरी प्रॉडक्ट्स इसके प्रभाव को कम कर देते हैं। एक पूरा गिलास पानी पीकर दवा लेनी चाहिए और उसके दो घंटे बाद तक दूध से बनी चीज न खाएं।
 
-एंटीबायोटिक का पूरा एक कोर्स होता है। इसे अचानक नहीं छोड़ना चाहिए। अगर आप थोड़ा सा आराम महसूस होते ही दवा खाना बंद कर देते हैं तो बीमारी के बैक्टीरिया और ताकतवर हो जाते हैं।
 
-पुरानी एंटीबायोटिक दवाएं लगातार कम असरदार होती जा रही हैं क्योंकि जीवाणुओं ने उनके खिलाफ प्रतिक्षमता पैदा कर ली हैं। इसलिए पुरानी दवाएं लेने से परहेज करें।
औषधियां - जब भी आप वायरल या शारीरिक दर्द महसूस करें, ऐसी आयुर्वेदिक या घरेलू औषधि अपने साथ रखें जो प्रतिरोधकता बनाए रखती हैं। 
 
नींद - पर्याप्त नींद न होना आपके दिमाग और शरीर को बेवजह थकावट देता है और आपकी प्रतिरोधता भी कम होती है। हर दिन 8 घंटे की नींद आपको स्वस्थ और खुशगवार रखने में सहायक है।
 
शुगर - शकर खाने से मनाही नहीं है, लेकिन अतिरिक्त शर्करा से भरे खाद्य पदार्थ जैसे सोडा, एनर्जी ड्रिंक, जूस व अन्य पदार्थों से दूरी बनाएं। यह आपकी सेहत का पूरा हिसाब गड़बड़ कर देंगे, और प्रतिरोधकता में कमी भी।
 
धूप है जरूरी - त्वचा को अगर धूप से बचाते हैं, तो विटामि‍न डी की कमी हो सकती है। बल्कि धूप लेना प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए फायदेमंद साबित होता है। इसलिए पर्याप्त धूप लेने का नियम बनाएं।
 
जिंक - जिंक की पर्याप्त मात्रा का सेवन भी प्रतिरोध क्षमता को बढ़ाने का एक बेहतरीन विकल्प है। इसके लिए अलग से जिंक की गोलियां खाने के बजाए ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करें, जिनसे आपको नैचुरल जिंक प्राप्त हो।
 
पत्तेदार सब्जियां - पत्तेदार सब्जियां या फिर सलाद जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन खूब करें। इनसे प्राप्त होने वाले एंजाइम्स आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा करते हैं और हर तरह का पोषण प्रदान करते हैं, जिसकी आपको जरूरत है।
डेल्टा और ओमीक्रोन समेत सभी कोरोना वैरिएंट के खिलाफ प्रभावी है यह वैक्सीन, गर्म मौसम को सहन करने की क्षमता
Immune System : 10 Tips इम्यून सिस्टम को बनाएंगे strong
Surya Namaskar : रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ानी है तो सीख लीजिए सूर्य नमस्कार

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

सर्दियों में सेहत और स्वाद का खजाना है मक्के की राब, पीने से मिलते हैं ये फायदे, जानें रेसिपी

सर्दियों में रोजाना पिएं ये इम्यूनिटी बूस्टर चाय, फायदे जानकर रह जाएंगे दंग

रूम हीटर के साथ कमरे में पानी की बाल्टी रखना क्यों है जरूरी? जानें क्या है इसके पीछे का साइंस

Winter Superfood: सर्दी का सुपरफूड: सरसों का साग और मक्के की रोटी, जानें 7 सेहत के फायदे

Kids Winter Care: सर्दी में कैसे रखें छोटे बच्चों का खयाल, जानें विंटर हेल्थ टिप्स

सभी देखें

नवीनतम

पैसे की असली कीमत

Guru Gokuldas: गुरु गोकुलदास जयंती: जीवन परिचय, 6 अनसुने तथ्य, महत्व और प्रमुख शिक्षाएं

स्वामी विवेकानंद की जयंती पर इस बार बंगाल में क्या खास है?

Typhoid In Hindi: टाइफाइड क्यों होता है, जानें कारण, लक्षण, उपचार और बचाव के उपाय

Paramahansa Yogananda: परमहंस योगानंद कौन थे?

अगला लेख